आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब गुरुवार को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजय संकल्प सभा के दौरान बड़े पैमाने पर चोरी की घटनाओं के आरोप सामने आए। पोलो ग्राउंड में आयोजित इस सभा के बाद कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन, पर्स और अन्य कीमती सामान गायब होने की शिकायत की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सभा में शामिल करीब 450 लोगों के मोबाइल फोन चोरी हो गए। इसके अलावा कई लोगों के पर्स और जरूरी दस्तावेज भी गायब होने की बात सामने आई है। पीड़ितों का कहना है कि भारी भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
इस घटना से नाराज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले कार्यकर्ताओं ने पोलो ग्राउंड के पास स्थित चित्रा मोड़ इलाके में विरोध जताया, इसके बाद वे हिरापुर थाना के सामने पहुंचकर सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा आसनसोल मंडल-1 के अध्यक्ष सोमनाथ मंडल ने किया।

सोमनाथ मंडल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री की सभा में ही इस तरह की सुरक्षा चूक हो सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा रह जाता है। उन्होंने दावा किया कि सभा के दौरान एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसने भीड़ का फायदा उठाकर लोगों के मोबाइल और अन्य कीमती सामान चुरा लिए।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि पुलिस ने अब तक करीब 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनके पास से कुछ चोरी हुए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। हालांकि, अभी बड़ी संख्या में चोरी हुए सामान का कोई पता नहीं चल सका है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों का सामान बरामद कर उन्हें लौटाया जाए।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और सड़क जाम समाप्त कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों से अपील की है कि वे अपने चोरी हुए सामान के संबंध में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएं, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। हिरापुर थाना सूत्रों के अनुसार, अब तक कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें मोबाइल फोन चोरी के मामले सबसे अधिक हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आगे भी कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने न केवल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को भी उजागर किया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से आम जनता में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।















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