आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच शनिवार को आसनसोल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा 9 अप्रैल को आयोजित जनसभा में राज्य सरकार पर किए गए तीखे हमलों के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए जवाबी प्रहार किया है। पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री के बयान को ‘भ्रामक’ बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
आसनसोल स्थित तृणमूल कांग्रेस के जिला कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के जिला अध्यक्ष और पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती तथा आसनसोल उत्तर से उम्मीदवार मलय घटक ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी माहौल में जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में राज्य सरकार के खिलाफ निराधार बातें कह रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उनका कहना था कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा राज्य के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नीतियों के कारण बंगाल को उसके हिस्से का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान नेताओं ने औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आसनसोल और आसपास के इलाकों का औद्योगिक इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के चलते उद्योगों को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल पाया। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि रेलवे और कोयला जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निजीकरण की नीति अपनाकर रोजगार के अवसरों को प्रभावित किया जा रहा है।
नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि पिछले कई वर्षों में केंद्र सरकार ने आसनसोल क्षेत्र में कितने बंद पड़े कारखानों को पुनर्जीवित किया है। उनका कहना था कि जनता अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि ठोस कार्यों का हिसाब मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का भाषण वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास था।
इस दौरान मलय घटक ने कहा कि राज्य सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विकास कार्यों और जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर ही मतदान करेगी।
गौरतलब है कि आसनसोल लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण रहा है। यहां होने वाली चुनावी गतिविधियों का असर पूरे क्षेत्र की राजनीति पर पड़ता है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री की रैली ने भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस भी लगातार जवाबी रणनीति के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयान और जवाबी हमले चुनावी माहौल को और अधिक गरमा रहे हैं। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन आरोप-प्रत्यारोप का आम मतदाताओं पर कितना प्रभाव पड़ता है।

















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