बीरभूम : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सोमवार को बीरभूम जिले के सीउड़ी में आयोजित एक चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे राज्य की सभी सीटों पर स्वयं को उम्मीदवार मानते हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे देश के प्रधानमंत्री बने रहना चाहते हैं या पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अपनी पहचान और संस्कृति को लेकर सजग है और बाहरी ताकतों के प्रभाव को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के लिए राज्य की हर सीट पर वही चेहरा हैं और जनता उनके नेतृत्व में भरोसा रखती है।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पिछले कई वर्षों से राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और संसाधनों के वितरण में बंगाल को नजरअंदाज किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार के मुद्दे को उठाते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा आखिर कहां पूरा हुआ।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर भी कटाक्ष किया और कहा कि इससे जमीनी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जब भी युवाओं के लिए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो उसे कानूनी अड़चनों में फंसा दिया जाता है, जिससे बेरोजगारी की समस्या और गहराती है।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की राजनीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘बुलडोजर नीति’ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बंगाल की परंपरा सद्भाव और भाईचारे की रही है, यहां डर और दमन की राजनीति नहीं चल सकती। उनका दावा था कि राज्य की जनता विकास, शिक्षा और सामाजिक समरसता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है।
सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में जनता तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देगी और विपक्ष की राजनीति को नकार देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अब जागरूक हो चुके हैं और किसी भी प्रकार के भ्रम या प्रचार से प्रभावित नहीं होंगे।















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