

आसनसोल : बंगाल की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक चेतना को समर्पित ‘कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल’ द्वारा बांग्ला नववर्ष के पावन अवसर पर रविंद्र भवन परिसर में एक गौरवशाली सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, अपितु स्थानीय प्रतिभाओं के सम्मान और उत्साहवर्द्धन का प्रेरणास्रोत भी बना।
कार्यक्रम के दौरान आसनसोल समेत समीपवर्ती अंचलों के अनेक प्रतिभाशाली कलाकारों ने संगीत, नृत्य, कविता-पाठ एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सांस्कृतिक समागम का विशेष आकर्षण रहा — आसनसोल के 20 विशिष्ट साहित्यकारों का सम्मान, जिन्हें मंच ने उनके दीर्घकालीन साहित्यिक योगदान के लिए स्मृतिचिन्ह व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया।

संस्थान के अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी ने उद्घोषणा करते हुए कहा कि जिस प्रकार कोलकाता जैसे महानगरों में साहित्यकारों और कलाकारों को समाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त है, उसी प्रकार आसनसोल की माटी में रचे-बसे साधकों को भी वह गरिमा मिलनी चाहिए, जिसके वे पूर्णतः अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, “हमारे यहां भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं, किंतु समुचित सम्मान के अभाव में वे प्रायः उपेक्षित रह जाते हैं। आज उन्हें सम्मानित कर हम स्वयं को कृतज्ञ अनुभव कर रहे हैं”

तिवारी ने वर्तमान पीढ़ी में पुस्तकों के प्रति घटते आकर्षण पर चिंता जताई तथा इस दिशा में नवचेतना का संकल्प लिया। उन्होंने घोषणा की कि संस्था के सभी सदस्य इन साहित्यकारों की कृतियों की प्रतियां क्रय कर अध्ययन करेंगे, जिससे पठन-संस्कृति को पुनः प्रतिष्ठा मिले।
यह आयोजन साहित्य, संस्कृति एवं समाज के समन्वय का एक जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ, जो आगामी पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में सहायक रहेगा।















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