दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही औद्योगिक नगरी दुर्गापुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को शहर के एबीएल अस्पताल गेट क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के चुनावी बैनर हटाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

तृणमूल कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी तथा राज्य मंत्री प्रदीप मजूमदार के समर्थन में लगाए गए बैनर रात के समय किसी ने हटा दिए। सुबह जब कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो कई बैनर गायब मिले। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और पूरे क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई।
स्थानीय तृणमूल नेताओं ने दावा किया कि आसपास अन्य दलों के पोस्टर और बैनर यथावत लगे हुए थे, जबकि केवल उनकी पार्टी के प्रचार सामग्री को निशाना बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह सामान्य घटना थी तो केवल तृणमूल कांग्रेस के बैनर ही क्यों हटाए गए। पार्टी नेताओं ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है।
शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में तृणमूल कार्यकर्ता और समर्थक एबीएल अस्पताल गेट परिसर में एकत्रित हो गए। इसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कुछ समय तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल उम्मीदवार प्रदीप मजूमदार ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कृत्यों से चुनावी माहौल प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार बैनर फाड़ने या हटाने से जनता का समर्थन नहीं बदला जा सकता। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और किसी उकसावे में न आने की अपील की।
प्रदीप मजूमदार ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और चुनाव में उचित जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में व्यवधान डालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस विकास कार्यों और जनसमर्थन के बल पर चुनाव लड़ेगी।

दूसरी ओर, दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार चंद्रशेखर बंदोपाध्याय ने इस मामले पर अलग प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा इस प्रकार की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उनके अनुसार भाजपा जनता के बीच मुद्दों, नीतियों और विकास कार्यों के आधार पर चुनाव लड़ती है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया।
चंद्रशेखर बंदोपाध्याय ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य जनता का विश्वास जीतना है, न कि पोस्टर और बैनर की राजनीति करना। उन्होंने दावा किया कि देश के अनेक राज्यों में भाजपा सरकारें विकास के आधार पर बनी हैं और पश्चिम बंगाल में भी जनता परिवर्तन चाहती है।
घटना के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया। स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आते ही इस प्रकार की घटनाएं राजनीतिक तनाव को और बढ़ा देती हैं। दुर्गापुर पूर्व सीट पर मुकाबला रोचक माना जा रहा है, इसलिए प्रचार सामग्री से जुड़ी छोटी घटनाएं भी बड़े विवाद का रूप ले रही हैं।















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