

जामुड़िया : राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पर निंघा मोड़ से श्रीपुर मोड़ तक का stretch इन दिनों जानलेवा अवस्था में परिवर्तित हो गया है। निंघा कोलियरी खदान से निरंतर बहने वाला अपशिष्ट जल प्रमुख नाले की अवरुद्धता के कारण सड़क पर फैलकर न केवल आवागमन को बाधित कर रहा है, बल्कि दोपहिया चालकों के लिए घातक बन गया है।
जलजमाव के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढे अदृश्य हो जाते हैं, जिनमें पिछले एक सप्ताह में छह से अधिक दोपहिया वाहन फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। क्षेत्र में व्याप्त यह समस्या न केवल प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है, बल्कि कोलियरी प्रबंधन की लापरवाही को भी रेखांकित करती है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अभियंता ने बताया कि निंघा कोलियरी प्रशासन को इस ज्वलंत समस्या से पूर्व में कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। कोलियरी जल नाले के माध्यम से राजमार्ग के निकास प्रणाली में समाहित होता है, किंतु कचरा और मलवे की अधिकता के कारण नाला बार-बार अवरुद्ध हो जाता है, जिससे जल प्रवाह बाधित होकर सड़क पर फैलने लगता है। प्रातः जामुड़िया ट्रैफिक गार्ड प्रभारी सुबीर कुमार सेन एवं एडीसीपी ट्रैफिक प्रदीप मंडल ने स्वयं स्थल पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने राजमार्ग विभाग के अधिकारियों को भी त्वरित मरम्मत हेतु आदेशित किया, जिसके फलस्वरूप तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर क्षतिग्रस्त नाले की सफाई कार्य आरंभ की गई।

स्थानीय जनसमुदाय ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र जनआंदोलन किया जाएगा। जल निकासी व्यवस्था की उपेक्षा न केवल यातायात को अवरुद्ध कर रही है, अपितु जनजीवन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर संकट उत्पन्न कर रही है।















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