

आसनसोल : वामपंथी जनसंगठनों— श्रमिक, कृषक, खेतिहर मजदूर एवं झोपड़पट्टी वासियों— के संयुक्त आह्वान पर रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। प्रचंड ग्रीष्म की तीव्रता को ध्यान में रखते हुए सभा का प्रारंभ अपराह्न तीन बजे से प्रस्तावित किया गया है।
राजधानी कोलकाता के विविध क्षेत्रों से सात वृहद जुलूस ब्रिगेड की ओर अग्रसर होंगे। सभा में छह प्रमुख वक्ता मंचासीन होंगे, जिनमें माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम, अखिल भारतीय किसान सभा के अमल हालदार, खेत मजदूर यूनियन के निरापद सरदार, झोपड़पट्टी संगठनों के प्रतिनिधि सुखरंजन दे, ट्रेड यूनियन सीटू के अनादी साहू एवं बान्या टुडू सम्मिलित हैं। हालांकि, पार्टी की तेजतर्रार युवा नेत्री एवं केंद्रीय समिति सदस्य मिनाक्षी मुखर्जी का नाम वक्ताओं की सूची में नहीं दर्शाया गया है।

वामपंथी समर्थकों ने आरोप लगाया है कि रविवार प्रातःकाल हावड़ा में फेरी सेवाएं प्रशासनिक निर्देश पर स्थगित कर दी गईं, जिससे ब्रिगेड रैली की ओर प्रस्थान कर रहे समर्थकों को गंभीर असुविधा हुई। उन्होंने इस निर्णय को सोची-समझी रणनीति करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र वाम समर्थकों की उपस्थिति को सीमित करने के उद्देश्य से कार्यरत है।

माकपा की युवा शक्ति का चेहरा मानी जाने वाली मिनाक्षी मुखर्जी पश्चिम बंगाल के कुल्टी क्षेत्र की निवासी हैं। उनके पिता, मनोज मुखर्जी, स्वयं माकपा की जिला समिति के पूर्व सदस्य एवं वर्तमान में एरिया कमेटी से संबद्ध हैं। कुल्टी से रैली हेतु प्रस्थान से पूर्व उन्होंने कहा, “यह रैली शोषित-उत्पीड़ित मेहनतकश वर्ग के अधिकारों हेतु एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इसमें मजदूर वर्ग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मंच पर कौन होगा, यह पार्टी की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करता है।”

कुल्टी, सीतारामपुर, बराकर एवं आसनसोल से वाम समर्थकों का रेला अग्निबीणा व कोल्डफील्ड एक्सप्रेस द्वारा कोलकाता की ओर रवाना हुआ। साधारण श्रेणी में यात्रा करते हुए मनोज मुखर्जी भी जनसैलाब के संग अपनी प्रतिबद्धता निभा रहे हैं।














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