आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रथम चरण के अंतर्गत गुरुवार को पश्चिम बर्धमान जिले में लोकतंत्र का महापर्व अत्यंत शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह देखने योग्य रहा। युवा, महिला, वृद्ध तथा प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाता भी लोकतांत्रिक अधिकार के प्रति सजग दिखाई दिए। मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें इस बात का प्रमाण थीं कि जनता अपने मताधिकार के प्रयोग को लेकर पूरी तरह जागरूक एवं प्रतिबद्ध है।
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी रही। दिव्यांग मतदाताओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, जिससे उन्हें मतदान में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत निरंतर बढ़ता रहा। प्रातः 9 बजे तक औसतन लगभग 19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके पश्चात 11 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। दोपहर 1 बजे तक मतदान में और तेजी आई तथा यह लगभग 60 प्रतिशत के पार पहुंच गया। अपराह्न 3 बजे तक मतदाताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी और मतदान प्रतिशत लगभग 75 प्रतिशत दर्ज किया गया। सायं 5 बजे तक यह आंकड़ा 86 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गया, जो कि जिले के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
यदि विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो पांडबेश्वर में लगभग 88.76 प्रतिशत, दुर्गापुर पूर्व में 86.45 प्रतिशत, दुर्गापुर पश्चिम में 86.24 प्रतिशत, रानीगंज में 87.93 प्रतिशत, जामुड़िया में 88.30 प्रतिशत, आसनसोल दक्षिण में 87.12 प्रतिशत, आसनसोल उत्तर में 84.58 प्रतिशत, कुल्टी में 85.88 प्रतिशत तथा बरबानी में 87.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के लगभग सभी क्षेत्रों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मतदान के दौरान कई स्थानों पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मतदाता पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर मतदान केंद्रों पर पहुंचे और गर्व के साथ अपनी उंगली पर स्याही का निशान दिखाते हुए लोकतंत्र में अपनी भागीदारी का संदेश दिया। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

महिलाओं की भागीदारी भी इस बार उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में महिला मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचीं और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कई स्थानों पर महिलाओं की कतारें पुरुषों से भी लंबी देखी गईं, जो समाज में बढ़ती जागरूकता एवं समानता की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
प्रशासन की ओर से मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान चलाए गए थे, जिनका सकारात्मक प्रभाव मतदान प्रतिशत में स्पष्ट रूप से देखा गया। ‘मतदान अवश्य करें’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को अपने अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक किया गया।
गुरुवार को संपन्न हुए इस मतदान में शांतिपूर्ण वातावरण, उच्च मतदान प्रतिशत तथा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि लोकतंत्र के प्रति जनता का विश्वास अटूट है। अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि जनता ने किसके पक्ष में अपना जनादेश दिया है।
















Users Today : 2
Users Yesterday : 37