
आसनसोल : आसनसोल उत्तर विधानसभा अंतर्गत तृणमूल कांग्रेस द्वारा रविवार को रवींद्र भवन प्रांगण में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची में विद्यमान संभावित त्रुटियों की पहचान करना एवं क्षेत्र में फर्जी मतदाताओं के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के श्रम एवं विधि मंत्री मलय घटक, आसनसोल नगर निगम के अध्यक्ष अमरनाथ चटर्जी, मेयर परिषद सदस्य गुरदास चटर्जी, उपमहापौर अभिजीत घटक, पार्षद वसीम उल हक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण शिविर का आयोजन उस समय हुआ जब राज्यभर में मतदाता सूची की शुचिता को लेकर तीव्र राजनीतिक विमर्श चल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा समस्त तृणमूल कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की सूक्ष्मता से जांच करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा फर्जी नामों की पहचान कर उसे यथाशीघ्र हटवाया जा सके।
तृणमूल नेतृत्व का यह मत है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिल्ली सहित अन्य राज्यों में मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनावी लाभ प्राप्त किया गया है। ऐसे में बंगाल में इस प्रकार की पुनरावृत्ति को रोकना आवश्यक है।
कार्यक्रम में आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी) के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभागियों को मतदाता सूची की तकनीकी जांच से संबंधित विविध पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में डुप्लिकेट नामों की पहचान कैसे की जा सकती है, एक ही व्यक्ति के नाम से विभिन्न बूथों पर पंजीकरण की संभावना कैसे देखी जाए तथा मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम कैसे हटवाए जाएं।

शिविर में यह भी घोषित किया गया कि निकट भविष्य में प्रत्येक वार्ड एवं बूथ स्तर पर इस प्रकार की पर्यवेक्षण गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे मतदाता सूची पूर्णतः त्रुटिरहित एवं अद्यतन हो सके।

तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर न केवल संगठन की चुनावी तत्परता को परिलक्षित करता है, अपितु लोकतंत्र की मर्यादा सुनिश्चित करने हेतु मतदाता सूची की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के प्रयास का भी परिचायक है।














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