दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होने के बाद अब प्रशासन ने दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी हैं। पश्चिम बर्दवान जिले में पहले चरण में लगभग 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे लोकतांत्रिक भागीदारी का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। मतदान प्रक्रिया सामान्य रूप से शांतिपूर्ण रही और किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना सामने नहीं आई। अब आगामी 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
शुक्रवार को जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। विभिन्न प्रवेश मार्गों, प्रमुख सड़कों तथा संवेदनशील स्थानों पर नाका जांच अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बाहरी तत्वों की आवाजाही पर नियंत्रण रखना, अवैध सामग्री के परिवहन को रोकना तथा चुनावी माहौल में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
विशेष रूप से बीरभूम जिले से गलसी विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित अजय नदी पुल पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। दुर्गापुर अनुमंडल के कांकसा प्रखंड अंतर्गत बीड विहार क्षेत्र में स्थित यह पुल तीन जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। पश्चिम बर्दवान, पूर्व बर्दवान और बीरभूम जिलों के बीच यातायात के लिए यह मार्ग अत्यंत व्यस्त रहता है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं।
प्रशासन ने चुनाव के मद्देनजर इस पुल को संवेदनशील बिंदु मानते हुए यहां चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की है। केंद्रीय सुरक्षा बलों के सशस्त्र जवान पुल और आसपास के क्षेत्र में लगातार तैनात हैं। ऊंचे स्थानों और रणनीतिक बिंदुओं पर जवानों की निगरानी से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का कड़ा माहौल दिखाई दे रहा है।
पुल से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की गहन जांच की जा रही है। चार पहिया वाहनों, निजी कारों, मालवाहक वाहनों और मोटरसाइकिलों को रोककर तलाशी ली जा रही है। वाहनों की डिक्की खुलवाकर सामान की जांच की जा रही है। चालकों और सवारों से नाम, पता तथा यात्रा के उद्देश्य की जानकारी ली जा रही है। संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर विस्तृत पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान नकदी, शराब, हथियार, विस्फोटक सामग्री या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली वस्तुओं की अवैध ढुलाई रोकना प्राथमिकता है। इसी कारण हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सामान्य नागरिकों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए यह आवश्यक कदम है।
शुक्रवार को दिनभर पुल पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखी गईं, क्योंकि जांच प्रक्रिया में समय लग रहा था। हालांकि पुलिसकर्मी व्यवस्थित ढंग से वाहनों को आगे बढ़ाते रहे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ। यात्रियों से सहयोग की अपील की गई और अधिकांश लोगों ने सुरक्षा जांच को आवश्यक बताते हुए प्रशासन का समर्थन किया।
कांकसा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय इस तरह की सख्ती पहले भी देखी गई है, लेकिन इस बार सुरक्षा बलों की तैनाती अधिक दिखाई दे रही है। लोगों का मानना है कि इससे बाहरी असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण रहेगा और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिले के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इसी प्रकार जांच अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, राजमार्ग, अंतरजिला सीमाएं और संवेदनशील गांवों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मोबाइल पेट्रोलिंग दल भी सक्रिय हैं, जो लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दूसरे चरण के मतदान से पहले किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन, पुलिस, केंद्रीय बल और पर्यवेक्षक संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल चुनावों में सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कई जिलों के बीच तेज आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती जाए तो अवैध गतिविधियों की संभावना बढ़ सकती है। इस कारण प्रशासन ने पहले चरण के मतदान के तुरंत बाद दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी है।
पश्चिम बर्दवान जिले में प्रथम चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहने से प्रशासन को राहत मिली है, लेकिन अधिकारी किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतना चाहते। आगामी चरण में भी उच्च मतदान प्रतिशत और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि जांच के कारण कुछ समय तक वाहनों की गति धीमी हुई, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। कई लोगों ने कहा कि यदि इससे चुनाव निष्पक्ष होते हैं तो थोड़ी देरी स्वीकार्य है।
शुक्रवार को अजय नदी पुल क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सक्रियता और लगातार जांच अभियान ने स्पष्ट कर दिया कि दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रशासन किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। चुनावी माहौल के बीच सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज हो सकता है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और प्रशासन का दावा है कि दूसरे चरण का मतदान भी शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा। जनता से भी शांति बनाए रखने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है।

















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