पूर्व बर्दवान : विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रशासन ने चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान को ध्यान में रखते हुए रविवार को पूर्व बर्दवान जिले के मेमारी थाना क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई में अवैध शराब निर्माण और भंडारण से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने, अशांति फैलाने अथवा गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। मेमारी थाना पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने पालसिट, खारग्राम, करंडा और बेगुट सहित विभिन्न इलाकों में संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान टीमों ने लगभग 46 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की। इसके अलावा शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाला करीब 2100 लीटर फर्मेंटेड वॉश भी जब्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह वॉश अवैध मदिरा निर्माण के लिए तैयार किया गया था और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी मात्रा में अवैध शराब बाजार में पहुंच सकती थी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त की गई सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती नहीं है, बल्कि इससे जनस्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा होता है। चुनाव के समय इस प्रकार की गतिविधियां सामाजिक तनाव और अनुचित प्रभाव का कारण बन सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मतदान से पहले जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और ठिकानों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार दूसरे चरण के मतदान से पहले पुलिस, केंद्रीय बल, उड़नदस्ता दल और आबकारी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। विभिन्न थाना क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है। सीमावर्ती मार्गों और प्रमुख चौराहों पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच भी की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी समय में इस कारोबार पर विशेष नजर रखना आवश्यक होता है, क्योंकि कई बार इसका उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसी कारण आयोग और प्रशासन ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त अभियान का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारण कई परिवार प्रभावित होते हैं और अपराध की घटनाएं भी बढ़ती हैं। यदि प्रशासन नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
अधिकारियों ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अवैध शराब निर्माण, बिक्री या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जिले में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी की जा रही है। संवेदनशील बूथों की सूची तैयार कर अतिरिक्त बल तैनात करने की योजना भी बनाई गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
रविवार को मेमारी क्षेत्र में चला यह अभियान स्पष्ट संकेत है कि दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई को चुनाव पूर्व बड़ी सफलता माना जा रहा है।

















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