आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदान दिवस पर भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल के वाहन पर हुए पथराव मामले ने रविवार को नया राजनीतिक मोड़ ले लिया। घटना को लेकर विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इसे साजिश करार दिया है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने प्रतिवाद करते हुए अपने समर्थकों को फंसाने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को मतदान के दिन रहमतनगर इलाके में भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल के वाहन पर पथराव हुआ था। घटना में वाहन का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था और सुरक्षा कर्मी को भी चोट लगने की बात सामने आई थी। इसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी थी।
शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोहराब अली ने प्रेस वार्ता कर कहा था कि इस घटना से उनकी पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी घटना सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई। उन्होंने कुछ व्यक्तियों के नाम लेते हुए आरोप लगाया था कि राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से यह नाटक रचा गया।
सोहराब अली ने यह भी कहा था कि भाजपा प्रत्याशी के वाहन पर हमला स्वाभाविक घटना नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी और कहा था कि सच्चाई सामने आने पर कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर होंगे।
रविवार को इसके जवाब में कांग्रेस नेता शाह आलम ने गिरजा मोड़ स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने तृणमूल नेता के आरोपों को निराधार बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। शाह आलम ने कहा कि कांग्रेस समर्थकों का नाम लेकर उन्हें जानबूझकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम लेकर आरोप लगाए गए, वह स्थानीय व्यापारी है और घटना से उसका कोई संबंध नहीं है। शाह आलम ने दावा किया कि कांग्रेस समर्थक होने के कारण उसे निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में निर्दोष लोगों को फंसाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के वास्तविक दोषियों से पूछताछ नहीं की जा रही, जबकि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए और केवल तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ानी चाहिए।
शाह आलम ने प्रेस वार्ता में तृणमूल नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि घटना उनके प्रभाव क्षेत्र में हुई है तो उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ स्पष्ट है तो अब तक दोषियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी जल्द आसनसोल पहुंचकर पीड़ित पक्ष से मुलाकात करेंगे। यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच भाजपा नेताओं ने भी मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि चुनाव के दिन प्रत्याशी के वाहन पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घटना के बाद से क्षेत्र में अनावश्यक राजनीतिक तनाव बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि राजनीतिक बयानबाजी से अलग होकर शीघ्र जांच पूरी की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। आम जनता चाहती है कि चुनाव के बाद शांति और सामान्य माहौल कायम रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी समय में ऐसी घटनाएं अक्सर राजनीतिक रंग ले लेती हैं। लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना आवश्यक है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच जारी है और कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो। साथ ही निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
रविवार को आसनसोल शहर में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं पूरे दिन जारी रहीं। सोशल मीडिया पर भी विभिन्न दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आईं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। जनता चाहती है कि आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर तथ्य सामने आएं और कानून के अनुसार कार्रवाई हो। रहमतनगर पथराव कांड अब केवल एक घटना नहीं, बल्कि चुनाव बाद की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

















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