दुर्गापुर : मतगणना से पूर्व ईवीएम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को राजनीतिक वातावरण अचानक गर्म हो गया। सरकारी महाविद्यालय परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम के बाहर कथित रूप से भीड़ जुटने का एक वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो की जांच प्रारंभ कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दुर्गापुर के एक सरकारी कॉलेज परिसर में पांडेश्वर, दुर्गापुर पूर्व तथा दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें सुरक्षित रखी गई हैं। चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इन मशीनों को कड़ी निगरानी में स्ट्रांग रूम में रखा गया है। परिसर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान चौबीसों घंटे तैनात हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है तथा बिना अनुमति किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
निर्वाचन नियमों के अनुसार, स्ट्रांग रूम जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र के आसपास अनधिकृत भीड़ एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहता है। सुरक्षा मानकों के तहत सीमित दूरी तक सामान्य आवाजाही भी नियंत्रित रखी जाती है। ऐसे में परिसर के बाहर कथित भीड़भाड़ का वीडियो सामने आने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों को महाविद्यालय के मुख्य द्वार से कुछ दूरी पर खड़े होकर नारेबाजी करते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में एक वाहन भी सड़क किनारे खड़ा दिखाई दे रहा है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की सत्यता, समय और परिस्थितियों की पुष्टि किए बिना कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फिलहाल तकनीकी स्तर पर वीडियो की जांच की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सत्तारूढ़ दल पर आरोप लगाए हैं। पार्टी के जिला पदाधिकारियों का कहना है कि स्ट्रांग रूम के आसपास इस प्रकार की गतिविधियां चुनाव आयोग के नियमों के विपरीत हैं। उनका आरोप है कि जानबूझकर तनावपूर्ण वातावरण तैयार कर मतगणना प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने यह भी मांग की कि स्ट्रांग रूम के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि जहां ईवीएम रखी गई हों, वहां किसी भी प्रकार की भीड़ या नारेबाजी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कमजोर कर सकती है। पार्टी ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, वीडियो को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है और वास्तविक स्थिति कुछ और हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जांच के बाद सत्य स्वयं सामने आ जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पूर्ववत सख्त है। केंद्रीय बलों के जवान, स्थानीय पुलिस तथा निर्वाचन अधिकारियों की संयुक्त निगरानी जारी है। परिसर के प्रवेश द्वारों पर पहचान जांच, निगरानी कैमरों की समीक्षा और नियमित गश्त की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट वीडियो या अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि किसी के पास तथ्यात्मक जानकारी है तो उसे संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि जांच में सहायता मिल सके। सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल दुर्गापुर में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है। मतगणना से पहले प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती विश्वास बनाए रखना और शांति व्यवस्था कायम रखना है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगामी प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।

















Users Today : 2
Users Yesterday : 37