आसनसोल : अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को आसनसोल शहर में मजदूर एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय का संदेश बुलंद किया गया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से अपकार गार्डन स्थित पार्टी कार्यालय में पारंपरिक उत्साह के साथ मई दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में श्रमिक आंदोलनों के इतिहास को याद करते हुए श्रमवीरों को नमन किया गया तथा बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया।
सुबह से ही पार्टी कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं, समर्थकों, मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। लाल झंडों और बैनरों से सजे परिसर में श्रमिक एकता के नारों के बीच कार्यक्रम आरंभ हुआ। वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पार्टी ध्वज फहराया गया और शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने कामगारों के अधिकारों के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ वामपंथी नेता पार्थ मुखर्जी ने कहा कि मई दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संघर्ष, त्याग और सम्मान का प्रतीक है। यह दिन दुनिया भर के मेहनतकश वर्ग को याद दिलाता है कि उनके अधिकार किसी दया से नहीं, बल्कि लंबे आंदोलनों और बलिदानों से प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी श्रमिक वर्ग अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए मई दिवस की प्रासंगिकता पहले से अधिक बढ़ गई है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए श्रम सुधारों और श्रम संहिताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि श्रमिक हितों की अनदेखी की गई तो इसका व्यापक विरोध होगा। उनके अनुसार मजदूरों के कार्य घंटे, वेतन सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, भविष्य निधि, ठेका प्रथा और रोजगार स्थिरता जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को एक मंच पर आकर अपनी आवाज मजबूत करनी होगी।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का वास्तविक आधार किसान, मजदूर, कर्मचारी, परिवहन कर्मी, खनिक, कारखाना कर्मचारी, निर्माण श्रमिक और सेवा क्षेत्र के कामगार हैं। इनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। ऐसे में श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम में बंगाल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी माहौल पर भी चर्चा हुई। पार्थ मुखर्जी ने कहा कि चुनाव परिणाम जनता तय करती है, इसलिए किसी भी प्रकार के पूर्वानुमान या प्रचार पर निर्भर रहने के बजाय लोकतांत्रिक फैसले का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय मतपेटी से निकलने वाला जनादेश ही होता है।
मई दिवस समारोह में युवा कार्यकर्ताओं ने श्रमिक गीत प्रस्तुत किए और मजदूर आंदोलनों के इतिहास पर संक्षिप्त वक्तव्य दिए। कई वक्ताओं ने आठ घंटे काम, आठ घंटे विश्राम और आठ घंटे परिवार व समाज के लिए समय देने की ऐतिहासिक मांग को याद किया। साथ ही नई पीढ़ी को श्रमिक इतिहास से जोड़ने पर बल दिया गया।
महिला कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि महिला श्रमिकों की सुरक्षा, समान वेतन, मातृत्व सुविधाएं और सम्मानजनक कार्यस्थल आज की प्राथमिक आवश्यकता हैं। घरेलू कामगारों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी ठोस नीतियों की मांग उठाई गई।
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने श्रमिक एकता बनाए रखने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लिया। शहर में मई दिवस का यह आयोजन मजदूर सम्मान और जनसंघर्ष की भावना को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

















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