Breaking News

मतगणना पूर्व मलय घटक ने काली मंदिर में पूजा, एग्जिट पोल पर उठाए सवाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की घोषणा से ठीक पहले रविवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। इसी क्रम में आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री मलय घटक ने आस्था और जनसंपर्क का संदेश देते हुए बर्नपुर स्थित काली मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मतगणना से पूर्व इस धार्मिक कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां एक ओर उम्मीदवार ने मां काली से आशीर्वाद लिया, वहीं दूसरी ओर चुनावी माहौल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की।

IMG 20250511 WA0050

रविवार सुबह मलय घटक समर्थकों के साथ बारी मैदान स्थित काली मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की और क्षेत्र में शांति, विकास तथा निष्पक्ष मतगणना की कामना की। मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय लोगों ने भी उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद भी दिया।

मंदिर परिसर के समीप आयोजित एक रक्तदान शिविर में भी मलय घटक ने पहुंचकर लोगों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदाताओं से बातचीत की और सामाजिक कार्यों में भागीदारी को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि समाज सेवा और जनहित के कार्य राजनीति का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके इस कदम को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जहां राजनीतिक नेता सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ाव दिखा रहे हैं।

इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मलय घटक ने एग्जिट पोल को लेकर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि पूर्व के चुनावों में भी एग्जिट पोल के आंकड़े वास्तविक परिणामों से मेल नहीं खाते थे। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी कई एजेंसियों ने अलग-अलग अनुमान प्रस्तुत किए थे, लेकिन अंतिम परिणाम पूरी तरह भिन्न रहा और तृणमूल कांग्रेस ने निर्णायक जीत हासिल की थी।

मलय घटक ने विश्वास जताया कि इस बार भी एग्जिट पोल वास्तविक जनमत को सही तरीके से नहीं दर्शा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने विकास, स्थिरता और सामाजिक कल्याण की नीतियों को ध्यान में रखते हुए मतदान किया है और परिणाम तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में आएंगे। उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य में पुनः उनकी सरकार बनेगी।

IMG 20240918 WA0025

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतगणना से पहले धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा-अर्चना करना और जनता के बीच सक्रियता दिखाना चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुका है। इससे उम्मीदवार अपने समर्थकों में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के साथ-साथ आम मतदाताओं के बीच भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

गौरतलब है कि 4 मई को होने वाली मतगणना को लेकर पूरे राज्य में उत्सुकता का माहौल है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं और परिणामों को लेकर अटकलों का दौर जारी है। ऐसे में मलय घटक का यह दौरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि चुनावी माहौल में आत्मविश्वास का संदेश भी देता है।

अब सभी की नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथों में जाएगी और क्या एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं या फिर जमीनी हकीकत एक बार फिर अलग तस्वीर पेश करेगी।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 5 3 7
Users Today : 1
Users Yesterday : 37