आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की घोषणा से ठीक पहले रविवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने मतगणना से पूर्व आस्था और जनसंपर्क का अनोखा संदेश देते हुए शहर के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की तथा सड़कों पर उतरकर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उनका यह कदम चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनता से सीधे संवाद स्थापित करने का प्रयास भी स्पष्ट नजर आया।
रविवार सुबह कृष्णेंदु मुखर्जी ने अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों का दौरा किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर ईश्वर से प्रार्थना की कि 4 मई को होने वाली मतगणना शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। उन्होंने क्षेत्र में शांति, विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती की भी कामना की। इस दौरान मंदिरों में मौजूद श्रद्धालुओं से उन्होंने संवाद किया और सभी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की अपील की।
पूजा-अर्चना के बाद कृष्णेंदु मुखर्जी सीधे जनसंपर्क अभियान में जुट गए। वे आसनसोल की विभिन्न सड़कों और बाजारों में पहुंचे, जहां उन्होंने आम मतदाताओं से मुलाकात कर उन्हें मतदान में सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस बार जिस तरह से लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया है, वह लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था और जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि जनता अब जागरूक है और अपने भविष्य को लेकर सजग निर्णय ले रही है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि इस चुनाव में परिवर्तन के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं का उत्साह और समर्थन यह दर्शाता है कि लोग बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय जनता का होता है और परिणाम आने तक सभी को धैर्य बनाए रखना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मतगणना से पहले उम्मीदवारों द्वारा धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा करना और जनता के बीच जाकर संवाद करना अब चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इससे एक ओर उम्मीदवार अपने समर्थकों का मनोबल बढ़ाते हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। कृष्णेंदु मुखर्जी का यह दौरा भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि 4 मई को होने वाली मतगणना को लेकर पूरे राज्य में उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं और जीत को लेकर आत्मविश्वास व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में आसनसोल उत्तर जैसी महत्वपूर्ण सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
मतगणना से पहले बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके। इस बीच, उम्मीदवारों के ऐसे जनसंपर्क और धार्मिक कार्यक्रम चुनावी माहौल को और अधिक जीवंत बना रहे हैं।
अब सबकी निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है और क्या वाकई बदलाव की बयार चलेगी या फिर मौजूदा समीकरण बरकरार रहेंगे।

















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