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मतगणना से पहले आयोग सख्त, 432 पर्यवेक्षक तैनात, पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष जोर

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आसनसोल : आसनसोल सहित पूरे पश्चिम बंगाल में रविवार को विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पूर्व प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गईं। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं। इसी क्रम में राज्य के विभिन्न मतगणना केंद्रों पर कुल 432 गणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिनकी विस्तृत सूची भी सार्वजनिक कर दी गई है।

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आयोग के निर्देशानुसार सोमवार को राज्य की 293 विधानसभा सीटों पर मतगणना कराई जाएगी। हालांकि जारी सूची में 294 सीटों का विवरण शामिल है। जानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर फिलहाल मतगणना नहीं कराई जाएगी, जिसके कारण संबंधित क्षेत्र में पर्यवेक्षकों की अंतिम संख्या को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

जिलावार तैनाती पर नजर डालें तो उत्तर 24 परगना जिले में सर्वाधिक 49 गणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जहां 33 सीटों पर मतगणना होनी है। इसके बाद दक्षिण 24 परगना का स्थान है, जहां 31 सीटों के लिए 45 पर्यवेक्षकों की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार मुर्शिदाबाद जिले की 22 सीटों के लिए 33 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि पूर्व बर्दवान और पूर्व मेदिनीपुर की 16-16 सीटों के लिए 26-26 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

राजधानी कोलकाता की 11 विधानसभा सीटों के लिए 12 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, वहीं अलीपुरद्वार जिले की 5 सीटों के लिए सबसे कम 6 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा दार्जिलिंग, हुगली, हावड़ा और नदिया जैसे जिलों में भी सीटों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि हर केंद्र पर निगरानी सुदृढ़ बनी रहे।

इस बार आयोग ने विशेष सतर्कता बरतते हुए 165 अतिरिक्त गणना पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की है। ये अधिकारी उन विधानसभा क्षेत्रों में तैनात रहेंगे जहां एक से अधिक मतगणना कक्ष बनाए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य पहले से तैनात पर्यवेक्षकों की सहायता करना और मतगणना प्रक्रिया को तेजी व सटीकता के साथ पूरा कराना है।

निर्वाचन आयोग का स्पष्ट कहना है कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना को न्यूनतम करने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे प्रक्रिया के हर चरण पर नजर बनाए रखें और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप कर सकें।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आयोग पूरी तरह सतर्क है। मतगणना केंद्रों के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनका कार्य केंद्रों के बाहरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना होगा। हालांकि आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना कक्ष के भीतर प्रवेश नहीं करेगा।

पुलिस पर्यवेक्षक अन्य चुनाव कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर बाहरी सुरक्षा घेरे की निगरानी करेंगे, ताकि मतगणना के दिन किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या अव्यवस्था को रोका जा सके। इसके अलावा केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की तैनाती भी संवेदनशील केंद्रों पर की गई है।

कुल मिलाकर, निर्वाचन आयोग ने इस बार मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की है। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।

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