आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के बीच पश्चिम बर्दवान जिले में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय पहुंचा, जहां उन्होंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर जिले की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य के पूर्व मंत्री मलय घटक और जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने किया। नेताओं ने पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के बाद जिले के कई हिस्सों में उनकी पार्टी के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई स्थानों से तोड़फोड़, आगजनी और कब्जे जैसी घटनाओं की सूचनाएं सामने आई हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि जिले में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय प्रभावित हुए हैं और कई कार्यकर्ता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नेताओं के अनुसार, कुछ कार्यकर्ता अस्थायी रूप से अपने घरों से दूर रहने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

मुलाकात के दौरान नेताओं ने पुलिस आयुक्त से अनुरोध किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा प्रभावित कार्यकर्ताओं को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर घटनाएं हुई हैं, वहां त्वरित जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव परिणामों को स्वीकार करना सभी दलों की जिम्मेदारी होती है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि वह निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जिले में शांति और कानून-व्यवस्था को बहाल करेगा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक हरेराम सिंह, विधान उपाध्याय सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से आग्रह किया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और आम लोगों के बीच विश्वास बहाल किया जाए।
पुलिस प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा कि सभी घटनाओं की जानकारी ली जा रही है और जहां भी आवश्यक होगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने नागरिकों और राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे संयम बरतें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।
स्थानीय स्तर पर इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि राजनीतिक दल प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद से तनाव कम करने और शांति बहाल करने में मदद मिल सकती है।

















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