आसनसोल : आसनसोल में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जहां पूरे जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। गुरुवार को जीटी रोड से सटे बस्ती बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती देखने को मिली। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की आवाजाही बढ़ गई थी। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया और मंदिर के प्रवेश द्वार सहित आसपास के प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी। प्रशासन के अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और राजनीतिक टकराव की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके मद्देनजर आसनसोल में भी सतर्कता बरती जा रही है।
आसनसोल दक्षिण थाना और जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। श्रद्धालु निर्धारित नियमों का पालन करते हुए मंदिर में दर्शन और पूजा कर सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा है कि भीड़भाड़, नारेबाजी अथवा किसी भी प्रकार के सामूहिक प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चौकस रखा गया है और किसी भी अफवाह या उकसावे की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैयार रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों के बीच इस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने प्रशासन के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सतर्कता आवश्यक है और इससे क्षेत्र में शांति बनी रहेगी। वहीं कुछ नागरिकों ने इतनी भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास लगातार पुलिस बल की मौजूदगी लोगों के मन में भय का वातावरण पैदा कर सकती है। हालांकि अधिकांश लोगों ने माना कि यदि इससे इलाके में स्थिरता बनी रहती है तो यह कदम उचित है।
मंदिर परिसर के आसपास दुकानदारों और व्यवसायियों की गतिविधियां भी सामान्य रहीं, लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण पूरे इलाके में असाधारण सतर्कता का माहौल महसूस किया गया। पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती रहीं और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग भी की गई। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा करने से बचें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी कहा कि आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक शांति दोनों को सुरक्षित रखना प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है।

















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