कुल्टी : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन से पहले ही कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक सक्रियता तेज होती दिखाई देने लगी है। विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था, राजनीतिक तनाव और संभावित असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में पश्चिम बर्दवान जिले के कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नियामतपुर इलाके में गुरुवार देर रात विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न प्रमुख सड़कों और चौराहों पर वाहनों की सघन तलाशी ली तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात शुरू हुआ यह अभियान कई घंटों तक चला। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहीं और आने-जाने वाले वाहनों को रोककर उनकी जांच की गई। चार पहिया वाहनों, मोटरसाइकिलों तथा मालवाहक गाड़ियों की बारीकी से तलाशी ली गई। वाहन चालकों से आवश्यक दस्तावेज भी मांगे गए और संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के बाद राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से रात के समय विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, अवैध हथियारों की आवाजाही अथवा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी करते दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया कि जांच के दौरान आम नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार रखा जाए, लेकिन सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर वाहनों की लाइन बनवाई गई और क्रमवार जांच की गई।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि लंबे समय बाद इलाके में इस प्रकार की सक्रिय पुलिस व्यवस्था देखने को मिली है। कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना था कि लगातार जांच से आम लोगों को थोड़ी असुविधा भी हो रही है। हालांकि अधिकांश लोगों ने माना कि वर्तमान परिस्थितियों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आवश्यक हैं।
राजनीतिक हलकों में भी इस अभियान को लेकर चर्चा तेज रही। भाजपा नेताओं ने पहले ही घोषणा की है कि राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उनका आरोप है कि पिछले वर्षों में पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ गया था, जिसके कारण निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हुई। अब प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की बात कही जा रही है।
वहीं दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य केवल क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में इस प्रकार की निगरानी भविष्य में संभावित तनाव को रोकने में सहायक साबित हो सकती है। खासकर औद्योगिक और सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की सक्रियता अपराध नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल नियामतपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस का कहना है कि रात के समय गश्त और जांच अभियान को और अधिक तेज किया जाएगा ताकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो तथा किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

















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