आसनसोल : आसनसोल के बुधा क्षेत्र स्थित दयानंद विद्यालय (उच्च माध्यमिक) ने शुक्रवार को माध्यमिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित करते हुए शानदार सफलता दर्ज की। विद्यालय के विद्यार्थियों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर हिंदी माध्यम के छात्र भी उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। छात्र, अभिभावक और शिक्षक एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई देते नजर आए।
विद्यालय के छात्र रितेश कुमार साहू ने 590 अंक प्राप्त कर स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने कुल 84.29 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। वहीं ओम कुमार पंडित ने 527 अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि आर्यन कुमार 507 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। तीनों छात्रों की सफलता ने पूरे विद्यालय परिवार को गर्व महसूस कराया।
आर्य समाज द्वारा संचालित इस हिंदी माध्यम विद्यालय से इस वर्ष कुल 130 विद्यार्थियों ने माध्यमिक परीक्षा दी थी। इनमें से 124 छात्र सफल घोषित किए गए। विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम संतोषजनक रहने पर शिक्षक और अभिभावकों ने खुशी जताई। विशेष बात यह रही कि 11 विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी हासिल की। केवल तीन छात्रों को कंपार्टमेंट मिला, जिसे विद्यालय प्रशासन ने भी सकारात्मक संकेत बताया।
विद्यालय के शिक्षक प्रभारी नारायण पासवान ने परिणाम जारी करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के सतत प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम के छात्रों को अक्सर कम आंकने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस बार के परिणाम ने यह धारणा पूरी तरह गलत साबित कर दी है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी लगन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
शुक्रवार सुबह परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी। सफल छात्रों को सम्मानित करने के लिए शिक्षकों ने विशेष रूप से उन्हें बधाई दी। कई अभिभावकों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय ने बच्चों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सामने आया है।
स्कूल के टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। रितेश कुमार साहू ने कहा कि नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन उनकी सफलता का मुख्य आधार रहा। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने हर विषय पर बराबर ध्यान दिया और शिक्षकों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया। भविष्य में वे उच्च शिक्षा हासिल कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से दयानंद विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों को नियमित अभ्यास, मॉडल टेस्ट और अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से तैयार किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। शिक्षकों ने यह भी कहा कि ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शुक्रवार को सामने आए इस परिणाम ने आसनसोल के शैक्षणिक क्षेत्र में हिंदी माध्यम विद्यालयों की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी नई पहचान दी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्रों को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो भाषा कभी भी सफलता में बाधा नहीं बनती। दयानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने शानदार परिणाम से यही संदेश दिया है।
विद्यालय प्रबंधन ने सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भी संस्था शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

















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