कोलकाता/आसनसोल : पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कर राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने घोषणा की है कि आगामी 1 जून से राज्य की महिलाओं को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के तहत प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार के इस फैसले को विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों को पूरा करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर विशेष योजनाओं का उल्लेख किया था। अब नई सरकार ने अपने प्रारंभिक कार्यकाल में ही इस योजना को लागू करने की घोषणा कर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जिन महिलाओं को पूर्ववर्ती सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ मिल रहा था, उन्हें स्वतः ही नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना में शामिल किया जाएगा। इसके लिए फिलहाल किसी नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। भविष्य में यदि किसी अतिरिक्त दस्तावेज या औपचारिकता की जरूरत पड़ी तो सरकार द्वारा अलग से सूचना जारी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने वर्ष 2021 में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की शुरुआत की थी। प्रारंभ में महिलाओं को पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर पंद्रह सौ रुपये कर दिया गया। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं के लिए यह राशि सत्रह सौ रुपये तक पहुंचाई गई थी। अब नई सरकार ने इस सहायता राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है।
महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने के निर्णय को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे कामकाजी महिलाओं, छात्राओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। दैनिक आवागमन पर होने वाला खर्च कम होने से महिलाओं की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज थी कि सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व सरकार की सामाजिक योजनाओं को जारी रखा जाएगा या नहीं। इस पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता को पूर्व की तरह सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
आर्थिक और सामाजिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस योजना से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है। महिलाओं के हाथ में प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता पहुंचने से घरेलू आय में वृद्धि होगी और छोटे स्तर पर उपभोग क्षमता भी बढ़ेगी।
सूत्रों के अनुसार, आगामी सप्ताह में होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में अन्य चुनावी वादों को लागू करने को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। ऐसे में राज्य की जनता की नजर अब नई सरकार की आगामी घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।

















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