आसनसोल : आसनसोल के नुनी और पंचगछिया क्षेत्र में डिजिटल भुगतान के नाम पर दुकानदारों से ठगी करने का मामला सामने आने के बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि एक युवक फर्जी ऑनलाइन भुगतान का सहारा लेकर विभिन्न दुकानों से सामान खरीदता था और भुगतान सफल होने का झांसा देकर मौके से निकल जाता था। संदेह होने पर स्थानीय दुकानदारों ने उसका पीछा किया और एचएलजी अस्पताल के समीप उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी दुकानों पर पहुंचकर सामान्य ग्राहक की तरह खरीदारी करता था। सामान लेने के बाद वह मोबाइल फोन के माध्यम से यूपीआई भुगतान करने का दावा करता और दुकानदारों को अपने मोबाइल स्क्रीन पर भुगतान सफल होने का संदेश दिखाता था। स्क्रीन देखने के बाद अधिकांश दुकानदार उसे जाने देते थे, लेकिन बाद में जब वे अपने बैंक खाते की जांच करते, तो किसी प्रकार की राशि जमा नहीं मिलती थी।

बताया जा रहा है कि कई दुकानदारों के साथ इसी प्रकार की घटना होने के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई थी। सोमवार को नुनी क्षेत्र के एक दुकानदार को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ। भुगतान का संदेश देखने के बावजूद जब खाते में राशि नहीं पहुंची, तो दुकानदार ने आरोपी का पीछा करना शुरू किया। पीछा करते हुए वह एचएलजी अस्पताल के सामने पहुंचा, जहां अन्य दुकानदार भी एकत्र हो गए और युवक को रोक लिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी से पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी रेलपार क्षेत्र का निवासी है और उस पर पहले भी इसी प्रकार से दुकानदारों को ठगने के आरोप लग चुके हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था लोगों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए शुरू की गई थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग कर छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि केवल मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाले संदेश पर भरोसा न करें। किसी भी ऑनलाइन भुगतान के बाद बैंक खाते में राशि प्राप्त होने की पुष्टि करना आवश्यक है। पुलिस ने यह भी कहा कि साइबर ठगी के नए तरीकों को देखते हुए व्यापारियों और आम लोगों को जागरूक रहना होगा।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी यूपीआई एप्लीकेशन और संपादित स्क्रीनशॉट के माध्यम से ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेष रूप से छोटे दुकानदार और स्थानीय व्यवसायी इस प्रकार के अपराधों का आसान निशाना बन रहे हैं।

















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