आसनसोल : पश्चिम बंगाल सरकार के निर्देश के बाद रूपनारायणपुर स्थित बंगाल-झारखंड सीमा पर संचालित टोल प्लाजा को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया। जिला परिषद और नगर निगम के अधीन संचालित इस टोल केंद्र से फिलहाल सरकारी स्तर पर वसूली पूरी तरह बंद कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के बिना भविष्य में किसी भी प्रकार की टोल वसूली की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लंबे समय से इस टोल प्लाजा को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बना हुआ था। भारतीय जनता पार्टी लगातार आरोप लगाती रही थी कि टेंडर की अवधि समाप्त होने के बावजूद यहां अवैध रूप से टोल टैक्स वसूला जा रहा था। भाजपा नेताओं का कहना था कि वाहन चालकों से नियमों के विपरीत शुल्क लिया जा रहा है, जिससे आम लोगों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
सरकारी आदेश के बाद टोल वसूली बंद होने से वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय ट्रक चालकों और परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा था, जिससे परिवहन लागत बढ़ रही थी। अब टोल बंद होने के बाद लोगों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है

सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में रूपनारायणपुर टोल प्लाजा के आसपास तनावपूर्ण स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी। आरोप लगाए जा रहे थे कि कुछ लोग वहां पहुंचकर जबरन वसूली करने का प्रयास कर रहे थे तथा हंगामा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और टोल संचालन पूरी तरह रोक दिया गया।
बाराबनी के विधायक अरिजीत राय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रशासन किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, दबंगई या जबरन उगाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दे दी गई है तथा पारदर्शी प्रक्रिया के बिना किसी भी प्रकार की वसूली शुरू नहीं होने दी जाएगी।
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक नए सिरे से वैधानिक और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक रूपनारायणपुर टोल प्लाजा बंद ही रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह अवैध रूप से टोल वसूली का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सरकार का उद्देश्य राज्यभर में अवैध टोल वसूली पर पूर्ण रोक लगाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। अधिकारियों ने कहा कि सभी टोल केंद्रों की वैधता की जांच की जा रही है तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
रूपनारायणपुर टोल प्लाजा को लेकर जारी इस कार्रवाई को आम लोगों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों ने सकारात्मक कदम बताया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि भविष्य में टोल संचालन को लेकर प्रशासन किस प्रकार की नई व्यवस्था लागू करता है।

















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