आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल क्षेत्र में कोयला कारोबार से जुड़े कथित अवैध वसूली प्रकरण में शनिवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दो नेताओं को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई के बाद कोयला कारोबारियों और डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) धारकों के बीच लंबे समय से चल रही शिकायतों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंडाल, पांडवेश्वर और फरीदपुर थाना क्षेत्रों में संचालित विभिन्न ईसीएल खदानों से डीओ कोयले की लोडिंग और परिवहन के नाम पर कथित रूप से संगठित तरीके से अवैध वसूली की जा रही थी। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग कोयला कारोबारियों और वाहन चालकों से जबरन धन उगाही कर रहे थे तथा भुगतान नहीं करने वालों को कोयला उठाव में बाधा पहुंचाई जा रही थी।
इसी मामले में पुलिस ने पश्चिम बर्धमान जिला परिषद की सलाहकार कंचन मित्रा तथा तृणमूल नेता मोहम्मद मुजफ्फर हुसैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों आरोपियों को दुर्गापुर अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की शुरुआत रानीगंज कोयला व्यापारी संघ की शिकायत के बाद हुई। संघ की ओर से आंदल थाना में दर्ज प्राथमिकी में लगभग एक दर्जन लोगों के विरुद्ध जबरन वसूली, दबाव बनाकर धन उगाही तथा कोयला परिवहन में अवैध हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई व्यापारियों और डीओ धारकों को कथित सिंडिकेट के दबाव का सामना करना पड़ रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित अवैध वसूली नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसके पीछे किस स्तर तक संगठित गिरोह सक्रिय था। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
घटना के बाद कोयला कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से कोयला परिवहन और लोडिंग प्रक्रिया में कथित दबाव और अवैध हस्तक्षेप की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, दबंगई अथवा संगठित आर्थिक अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

















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