आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के बर्नपुर क्षेत्र में बीते शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान और वज्रपात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हीरापुर थाना अंतर्गत रिवरसाइड स्थित बीआरएस गैरेज मैदान में फुटबॉल खेल रहे किशोरों पर आकाशीय बिजली गिरने से एक स्कूली छात्र की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और भय का वातावरण फैल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बर्नपुर और आसपास के क्षेत्रों के कई किशोर प्रतिदिन की तरह रविवार शाम मैदान में फुटबॉल खेलने पहुंचे थे। खेल के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और कालबैशाखी तूफान के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इसी बीच मैदान में अचानक वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से कई किशोर जमीन पर गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों और साथियों की सहायता से घायल किशोरों को तत्काल आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद 16 वर्षीय शेख फिरोज को मृत घोषित कर दिया। वह बर्नपुर क्षेत्र का निवासी तथा दसवीं कक्षा का छात्र था। वहीं 17 वर्षीय विवेक घोष गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार अस्पताल में जारी है। विवेक का घर मानिकचंद क्षेत्र में बताया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मृत छात्र के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा घायल किशोर के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मंत्री ने चिकित्सकों से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अग्निमित्रा पाल ने घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि अचानक आए कालबैशाखी तूफान और वज्रपात ने एक मासूम छात्र की जान ले ली, जो पूरे क्षेत्र के लिए दुखद क्षण है। मंत्री ने कहा कि मृतक परिवार की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि इस मौसम में प्रतिदिन शाम के समय तेज आंधी और वज्रपात की घटनाएं हो रही हैं, इसलिए खुले मैदानों में जाने से बचना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को भी निर्देश देने की बात कही कि मौसम संबंधी चेतावनियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और दुख देखा गया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों को अधिक प्रभावी तरीके से आम लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। वहीं विद्यालय और क्लब संगठनों से भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की मांग उठने लगी है। यह दुर्घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

















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