आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले में कथित जबरन वसूली और अवैध धन उगाही के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान के तहत सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई सामने आई। आसनसोल उत्तर ब्लॉक के आईएनटीटीयूसी नेता राजू अहलूवालिया को पुलिस ने विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र के राजनीतिक और श्रमिक संगठनों में हलचल तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम आसनसोल दक्षिण थाना की विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कथित अवैध वसूली से जुड़े मामले में राजू अहलूवालिया की भूमिका की जांच आवश्यक है। इसके बाद पुलिस ने जीटी रोड स्थित बीएनआर मोड़ के समीप अभियान चलाकर उन्हें हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद देर रात उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का दावा है कि पिछले कुछ समय से आसनसोल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापारियों, वाहन संचालकों और कुछ स्थानीय लोगों से कथित रूप से दबाव बनाकर धन वसूली की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जांच के दौरान कई तथ्यों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच जारी है।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही थी। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की जबरन वसूली, सिंडिकेट गतिविधि अथवा भय का वातावरण बनाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के समक्ष सभी समान हैं और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि यह जांच केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित वसूली नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था या नहीं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य नाम सामने आते हैं तो आगे भी गिरफ्तारी की जा सकती है।
सोमवार को आरोपी को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से हिरासत की मांग करते हुए कहा कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ आवश्यक है। अदालत में सुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।
घटना के बाद क्षेत्रीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। श्रमिक संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, स्थानीय तृणमूल नेतृत्व की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अवैध वसूली और दबाव की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई होती है तो इससे आम लोगों और व्यापारिक समुदाय में विश्वास बढ़ेगा। वहीं पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा।

















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