आसनसोल : शहर में अवैध पार्किंग वसूली के खिलाफ सोमवार को प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया और अवैध वसूली से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार नगर निगम के अंतर्गत आने वाले कई पार्किंग स्थलों की टेंडर अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद कुछ लोग कथित रूप से बिना वैध अनुमति के वाहन चालकों से पार्किंग शुल्क वसूल रहे थे। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्थानों पर अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे हैं और वाहन चालकों को परेशान किया जा रहा है।
बताया गया है कि ट्रैफिक विभाग ने दो दिन पहले ही स्पष्ट चेतावनी जारी की थी कि जिन पार्किंग स्थलों की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, वहां किसी भी प्रकार की वसूली गैरकानूनी मानी जाएगी। इसके बावजूद सोमवार को भी शहर के कई इलाकों में अवैध वसूली जारी रहने की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद ट्रैफिक विभाग ने तुरंत विशेष अभियान शुरू किया।

अभियान के दौरान पुलिस टीम ने विभिन्न पार्किंग स्थलों और बस स्टैंड क्षेत्रों में जांच की। इसी दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों पर बिना अनुमति पार्किंग शुल्क वसूलने का आरोप है। इसके अलावा बस स्टैंड क्षेत्र में वसूली से जुड़े मामले में तीन बस कंडक्टरों को पहचान के लिए पुलिस अपने साथ ले गई, ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
सूत्रों का कहना है कि बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से कथित रूप से अवैध वसूली का खेल चल रहा था। आरोप है कि बस चालकों और यात्रियों से जबरन पैसे लिए जाते थे। कई वाहन चालकों ने शिकायत की थी कि उनसे बिना किसी रसीद के पार्किंग शुल्क वसूला जाता है। इस मामले में पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कई स्थानों पर अवैध रूप से संचालित पार्किंग गतिविधियां अचानक बंद हो गईं। जिन लोगों पर कार्रवाई की आशंका थी, वे मौके से गायब हो गए। ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जिन पार्किंग स्थलों के लिए वैध टेंडर जारी नहीं हुआ है, वहां वाहन खड़ा करने के बदले किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पैसे वसूलते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले को लेकर राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी अवैध पार्किंग स्थलों की पहचान की जाएगी और वहां स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने दावा किया कि अवैध वसूली और सिंडिकेट व्यवस्था के खिलाफ सरकार पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से अवैध पार्किंग और जबरन वसूली के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। लोगों को उम्मीद है कि इस अभियान से शहर में व्यवस्था बेहतर होगी और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा तथा अवैध वसूली से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

















Users Today : 37
Users Yesterday : 40