आसनसोल : रामकृष्ण मिशन स्कूल परिसर में बुधवार को आयोजित स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति वितरण समारोह भावनाओं, प्रेरणा और शिक्षा के महत्व का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस अवसर पर आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान विधायक अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को याद कर भावुक हो उठे।
रामकृष्ण मिशन स्कूल के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 25 विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति प्रदान की गई। छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक, शिक्षक और समाज के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। पूरे वातावरण में उत्साह और आत्मीयता का भाव दिखाई दे रहा था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि यह अवसर उनके लिए अत्यंत भावनात्मक है, क्योंकि पहली बार वह विधायक बनने के बाद अपने पुराने विद्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की मिट्टी, यहां का वातावरण और यहां के लोग उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। विद्यालय परिसर में कदम रखते ही बचपन और छात्र जीवन की अनेक यादें उनके मन में ताजा हो गईं।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले उन्होंने विद्यालय के महाराज से अनुरोध किया था कि उन्हें किसी विशेष अतिथि की तरह नहीं, बल्कि एक पूर्व छात्र की तरह देखा जाए। उन्होंने कहा कि वह आज यहां किसी राजनीतिक पद के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि उसी छात्र के रूप में लौटे हैं जिसने कभी इसी परिसर में बैठकर शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों के बीच बैठकर अपने पुराने दिनों को महसूस करने की इच्छा भी व्यक्त की।
अपने संघर्षपूर्ण छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों ने उनके जीवन को बहुत करीब से प्रभावित किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गरीबी और अभाव में पढ़ाई जारी रखना कितना कठिन होता है, यह वह भलीभांति जानते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह Bidhan Chandra College में अध्ययन करते थे, तब उनका घर कॉलेज से काफी दूर था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वह एक साइकिल खरीद सकें। ऐसे में उन्हें प्रतिदिन पैदल कॉलेज जाना पड़ता था।
उन्होंने आगे कहा कि उस समय महंगी पाठ्यपुस्तकें खरीदना भी उनके लिए आसान नहीं था। कई बार उन्हें किताबें खरीदने के बजाय उनकी फोटोकॉपी कराकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। विधायक ने कहा कि जीवन के इन्हीं संघर्षों ने उन्हें मेहनत, धैर्य और शिक्षा का वास्तविक महत्व सिखाया।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों से उन्होंने आग्रह किया कि वे पूरी लगन और ईमानदारी के साथ पढ़ाई करें तथा अपने जीवन में ऊंचा स्थान हासिल करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने के बाद अपनी जड़ों और अपने विद्यालय को कभी नहीं भूलना चाहिए।
कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि रामकृष्ण मिशन जैसे संस्थान केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन और समाज सेवा की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि जीवन में स्थापित होने के बाद वे समाज को वापस कुछ देने की भावना रखें और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आएं।
समारोह के दौरान छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई अभिभावकों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस प्रकार की छात्रवृत्तियां बड़ी सहायता साबित होती हैं। इससे बच्चों को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का नया उत्साह मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन में शिक्षा, संघर्ष और समाज सेवा का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।

















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