साइबर ठगी ने तोड़ा छोटे व्यवसायी का भरोसा, फर्जी ऑर्डर दिखाकर हड़पे मेहनत के रुपये

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल  : कुल्टी में बुधवार को सामने आए एक साइबर ठगी के मामले ने छोटे कारोबारियों की सुरक्षा और ऑनलाइन लेनदेन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिलीवरी और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े युवा व्यवसायी विक्रम रुद्र एक सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हो गए, जिसमें फर्जी पहचान, नकली कैटरिंग ऑर्डर और ऑनलाइन भुगतान के जरिए उनसे हजारों रुपये ठग लिए गए। घटना के बाद इलाके के छोटे व्यापारियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।

IMG 20240918 WA0025

पीड़ित विक्रम रुद्र ने बताया कि पूरा मामला बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। सबसे पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके ससुर को फोन कर स्वयं को केंदुआ बाजार का निवासी और बराकर इलेक्ट्रिक ऑफिस में कार्यरत कर्मचारी बताया। उसने दावा किया कि उसकी सेवानिवृत्ति निकट है और इस अवसर पर वह कार्यालय के लगभग 170 कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करना चाहता है। आरोपी ने बातचीत के दौरान स्थानीय इलाकों, दुकानों और संस्थानों की इतनी सटीक जानकारी दी कि उस पर संदेह करना कठिन हो गया।

फोन करने वाले व्यक्ति ने जल्द कैटरर बुक करने का दबाव बनाया, जिसके बाद विक्रम रुद्र ने उससे संपर्क किया। आरोपी ने व्हाट्सएप पर मेन्यू भेजा और भोजन के रेट को लेकर लंबी बातचीत की। व्हाट्सएप प्रोफाइल में उसका नाम “रंजन सरकार” दिखाई दे रहा था, जबकि कॉलर आईडी पर अलग-अलग नाम सामने आ रहे थे। इसके बावजूद उसकी बातचीत का तरीका इतना विश्वास पैदा करने वाला था कि विक्रम रुद्र को किसी धोखाधड़ी की आशंका नहीं हुई।

IMG 20260527 WA0029

आरोपी ने कहा कि उसका प्रबंधक दोपहर तक बराकर इलेक्ट्रिक ऑफिस में मौजूद रहेगा और वहीं एडवांस भुगतान कर दिया जाएगा। इसी बीच उसने एक और बहाना बनाते हुए कहा कि उसने कर्मचारियों के लिए रिटर्न गिफ्ट खरीदे हैं, जिनका भुगतान अधूरा रह गया है। उसने विक्रम रुद्र से आग्रह किया कि वे तत्काल 9,600 रुपये एक दुकान में ऑनलाइन भेज दें, बदले में वही राशि और कैटरिंग का एडवांस नकद रूप में लौटा दिया जाएगा।

स्थानीय जानकारी और सरकारी कार्यालय का हवाला दिए जाने के कारण विक्रम रुद्र को पूरा मामला वास्तविक लगा। उन्होंने विश्वास करते हुए गूगल पे के माध्यम से रकम भेज दी। लेकिन पैसे ट्रांसफर होते ही आरोपी ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। कुछ देर बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और व्हाट्सएप पर हुई पूरी बातचीत भी गायब कर दी गई। इसके बाद पीड़ित को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

घटना से आहत विक्रम रुद्र ने कहा कि छोटे व्यवसायी ग्राहकों पर भरोसा करके ही अपना काम चलाते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बारीकी से स्थानीय जानकारी देने के कारण किसी को भी संदेह नहीं होता। यही वजह है कि वह इस जाल में फंस गए। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में साइबर अपराधी लोगों की भावनाओं और विश्वास का फायदा उठा रहे हैं।

IMG 20250511 WA0050

मामले की जानकारी मिलते ही विक्रम रुद्र ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन और कुल्टी थाना में शिकायत दर्ज कराई। बाद में उन्होंने आसनसोल साइबर क्राइम विभाग पहुंचकर बैंक लेनदेन का विवरण, कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट और अन्य दस्तावेज अधिकारियों को सौंपे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रकम एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के खाते में भेजी गई थी। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल लेनदेन के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबारी अक्सर जल्दी काम मिलने की उम्मीद में बिना पूरी जांच किए ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान न करें और सरकारी कर्मचारी या स्थानीय परिचित बताने वाले लोगों की पहचान की पूरी जांच करें।

कुल्टी की यह घटना केवल एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीर चेतावनी भी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 5 0 5
Users Today : 6
Users Yesterday : 40