दुर्गापुर : इस्पात नगरी दुर्गापुर में रात राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष को पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वह भाजपा के एक स्थानीय नेता से मुलाकात करने पहुंचे थे। घटना के बाद तानसेन क्षेत्र में देर रात तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

जानकारी के अनुसार, रात करीब साढ़े आठ बजे राजीव घोष दुर्गापुर के तानसेन मार्केट इलाके में पहुंचे थे। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि वह भाजपा से जुड़े एक नेता से मुलाकात करने आए थे। इस बीच उनकी मौजूदगी की सूचना भाजपा कार्यकर्ताओं तक पहुंच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई। भाजपा समर्थकों ने राजीव घोष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर राजीव घोष को वहां से हटाकर थाने ले जाया। बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार सुबह जब उन्हें दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया, तब अदालत परिसर के बाहर भी राजनीतिक तनाव देखने को मिला। भाजपा समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया, जिसके चलते पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

भाजपा के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि राजीव घोष लंबे समय से विभिन्न विवादों और राजनीतिक टकरावों से जुड़े रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि अतीत में राजनीतिक प्रतिशोध, धमकी और दबाव बनाने जैसे आरोपों में उनका नाम सामने आता रहा है। हालांकि इन आरोपों को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा नेतृत्व ने यह भी दावा किया कि बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए राजीव घोष भाजपा के कुछ नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें संगठन में शामिल करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में जिले की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। राजीव घोष के खिलाफ दर्ज मामलों और आरोपों की भी समीक्षा की जा रही है। साथ ही बुधवार रात हुई घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या राजनीतिक तनाव को फैलने नहीं दिया जाएगा। अदालत परिसर और तानसेन इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। रात की इस घटना ने दुर्गापुर की राजनीतिक गतिविधियों को अचानक गरमा दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।















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