कुल्टी : आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 102 अंतर्गत पोर्डी कोलियरी क्षेत्र में बुधवार को एक बंद पड़े ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के आवास से बड़ी मात्रा में कंबल एवं बच्चों के वस्त्र बरामद होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तथा ईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने एक बंद पड़े ईसीएल आवास में बड़ी मात्रा में सामान रखे जाने की सूचना भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को दी थी। सूचना मिलने के बाद भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद मांझी अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। बताया गया कि संबंधित आवास लंबे समय से बंद था और उसके मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान खिड़की से अंदर देखने पर कमरे में बड़ी मात्रा में सामग्री रखी हुई दिखाई दी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस तथा ईसीएल प्रबंधन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवास का ताला खोला गया। अंदर निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कंबल और बच्चों के उपयोग से संबंधित वस्त्र पाए गए। बरामद सामग्री को लेकर अधिकारियों ने प्रारंभिक स्तर पर जानकारी एकत्रित करनी शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उक्त सामग्री वहां किस उद्देश्य से रखी गई थी और उसे वहां तक किसके द्वारा पहुंचाया गया।
भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद मांझी ने घटना को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बरामद सामग्री की प्रकृति और मात्रा को देखते हुए यह आवश्यक है कि पूरे मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। उनका कहना है कि यदि सामग्री किसी सरकारी अथवा जनकल्याणकारी योजना से संबंधित है, तो यह पता लगाया जाना चाहिए कि वह निर्धारित लाभार्थियों तक क्यों नहीं पहुंची।

मांझी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान आसपास के क्षेत्र तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी समीक्षा की जानी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी प्रशासनिक एजेंसी द्वारा नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि बरामद सामग्री के स्रोत, स्वामित्व और उपयोग के उद्देश्य को सार्वजनिक किया जाए ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या अफवाह की स्थिति उत्पन्न न हो।

पुलिस और ईसीएल प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल बरामद सामग्री को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जानकारी एकत्रित की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में पूरे मामले को लेकर लोगों की नजरें जांच के परिणाम पर टिकी हुई हैं।















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