आसनसोल, : नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली, सफाई व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधि देखने को मिली। राज्य की शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आसनसोल के कालीपहाड़ी क्षेत्र स्थित नगर निगम के केंद्रीय भंडार गृह (गोदाम) का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं एवं उपकरणों के उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मंत्री ने गोदाम परिसर में रखे गए विभिन्न सफाई उपकरणों, कचरा संग्रहण वाहनों, जल छिड़काव यंत्रों तथा अन्य नगर उपयोगी सामग्रियों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि कई उपकरण और वाहन लंबे समय से भंडार गृह में सुरक्षित रखे हुए हैं। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से इन संसाधनों के उपयोग, वितरण और रखरखाव की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मांगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आवश्यक उपकरणों और संसाधनों का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि सफाई कार्यों में लगे कर्मियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर संसाधनों के उपयोग में विलंब या प्रशासनिक बाधा है, तो उसकी समीक्षा की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोदाम में उपलब्ध सभी वाहनों, मशीनों और उपकरणों की विस्तृत सूची तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। इस सूची के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि कौन-कौन से संसाधन सक्रिय उपयोग में हैं और कौन से उपकरण अभी तक क्षेत्रीय इकाइयों या संबंधित विभागों को आवंटित नहीं किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नगर प्रशासन के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी योजना के अंतर्गत उपकरणों की खरीद की गई है, तो उनका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से संसाधनों के प्रबंधन और वितरण प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने मंत्री को नगर निगम की विभिन्न स्वच्छता परियोजनाओं, उपकरणों की उपलब्धता तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने यह भी कहा कि नगर क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक एवं संसाधनों का समुचित उपयोग आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के बाद उपलब्ध संसाधनों के उपयोग और वितरण संबंधी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं। नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में इस निरीक्षण को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
















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