आसनसोल : शहर के राहा लेन स्थित श्री श्याम मंदिर में शुक्रवार से सप्ताहव्यापी श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के पहले दिन मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा।
धार्मिक आयोजन के अंतर्गत वाराणसी से पधारे प्रख्यात कथावाचक आचार्य श्री संजय शास्त्री प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 6 बजे तक श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का रसपान कराएंगे। यह आयोजन 5 जून से 11 जून तक निरंतर चलेगा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति के महत्व, धर्म, नैतिकता और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा स्थल पर महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली।
आचार्य श्री संजय शास्त्री का श्री श्याम मंदिर और आसनसोल से विशेष आत्मीय संबंध रहा है। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बताया कि मंदिर निर्माण की परिकल्पना से लेकर उसके साकार होने तक उन्होंने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया। उनकी आध्यात्मिक निष्ठा और समर्पण के कारण वे श्रद्धालुओं के बीच विशेष सम्मान प्राप्त करते हैं।
धार्मिक जनों के अनुसार, आचार्य श्री संजय शास्त्री ने वर्षों पूर्व संकल्प लिया था कि श्री श्याम मंदिर की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होने तक वे आसनसोल में अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। उन्होंने अपने इस संकल्प का पूर्ण निष्ठा के साथ पालन किया। मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के बाद यह पहला अवसर है जब वे श्रीमद्भागवत कथा के लिए पुनः आसनसोल पहुंचे हैं। इस कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और मानव सेवा की भावना को सुदृढ़ करना भी है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है तथा व्यक्ति को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन, संकीर्तन और विशेष आरती का भी आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है तथा कथा के समापन दिवस पर विशेष धार्मिक समारोह आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
श्री श्याम सेवा ट्रस्ट ने आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने का आग्रह किया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समरसता का भी माध्यम है।
भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यह सप्ताहव्यापी आयोजन आसनसोल के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि कथा महोत्सव के माध्यम से उन्हें आध्यात्मिक प्रेरणा और आत्मिक संतोष प्राप्त होगा।

















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