

बीरभूम : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जनपद के मल्लारपुर अंचल निवासी संजय बाद्यकर के जीवन में शनिवार का दिन सौभाग्य बनकर आया, जब मात्र तीस रुपये के लॉटरी टिकट ने उन्हें एक ही क्षण में करोड़पति बना डाला। दिहाड़ी मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले संजय ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक साधारण सा टिकट उनके भाग्य का द्वार उद्घाटित करेगा।
संजय बाद्यकर ने विगत दिनों महज तीस रुपये का एक लॉटरी टिकट क्रय किया था। नित्य जीवन संघर्ष में व्यस्त संजय ने टिकट क्रय के उपरांत उसे लगभग विस्मृत कर दिया था। किंतु जब लॉटरी के परिणामों की घोषणा हुई और उन्होंने विजेताओं की सूची देखी, तो यह ज्ञात हुआ कि उनके टिकट ने प्रथम पुरस्कार अर्जित किया है, जिसकी राशि संपूर्ण एक करोड़ रुपये थी।

प्रारंभ में संजय को इस अप्रत्याशित सफलता पर विश्वास नहीं हुआ। किंतु यथार्थ स्पष्ट होते ही उनके हर्ष के साथ-साथ भय भी बढ़ गया। उन्हें आशंका सताने लगी कि कहीं उनका कीमती टिकट चोरी न हो जाए अथवा बलात छीन न लिया जाए। तत्काल विवेक का परिचय देते हुए संजय सीधे मल्लारपुर थाने पहुँचे और पुलिस से टिकट की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उक्त टिकट पुलिस संरक्षण में सुरक्षित रखा गया है।

संजय की अप्रत्याशित विजय की सूचना समस्त ग्राम क्षेत्र में ज्वाला के समान फैल गई। जहां पहले संजय परिवार के भरण-पोषण हेतु श्रमसाध्य परिश्रम करते थे, वहीं अब उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय प्रबंधन की है। ग्रामवासियों ने भी संजय की इस उपलब्धि पर हर्षवर्षा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

संजय की कथा पुनः इस तथ्य को सिद्ध करती है कि भाग्यचक्र कब किस मोड़ पर जीवन को परिवर्तित कर दे, कोई नहीं जानता। अब सम्पूर्ण क्षेत्र की दृष्टि इस ओर लगी है कि संजय इस धनराशि का सदुपयोग किस प्रकार करते हैं और उनका भविष्य किस दिशा में अग्रसर होता है।














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