आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई आवासीय योजना को लेकर शुक्रवार को नया विवाद खड़ा हो गया। डमरा इलाके में बने बीएसयूपी (शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सेवाएं) आवासीय क्वार्टरों के आवंटन में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व में आसनसोल नगर निगम के नेतृत्व में डमरा क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया गया था। योजना के नियमों के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित राशि जमा करने के बाद इन आवासों का अधिकार दिया जाना था। लेकिन समय के साथ इन आवास इकाइयों के आवंटन को लेकर शिकायतें सामने आने लगीं।
आरोप है कि जिन लोगों के लिए यह योजना तैयार की गई थी, उन्हें लाभ देने के बजाय कुछ आवास कथित रूप से अन्य लोगों को आर्थिक लेन-देन के आधार पर सौंप दिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वास्तविक जरूरतमंद परिवार अब भी आवास से वंचित हैं, जबकि कुछ इकाइयों पर ऐसे लोगों का कब्जा है जिनका योजना से कोई सीधा संबंध नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने शुक्रवार को इस मामले को लेकर आवाज उठाई। भाजपा आसनसोल दक्षिण मंडल के पदाधिकारी अपूर्व राय ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उन्हें डमरा आवास योजना में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ बंद पड़े आवासों का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था।
भाजपा नेता के अनुसार, शुक्रवार सुबह जांच के दौरान कुछ सरकारी दस्तावेज मिलने की बात सामने आई। इनमें नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड भी शामिल बताए गए हैं। सूचना मिलने के बाद आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। केंद्रीय बलों की मौजूदगी में भी जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
आरोप लगाया गया कि सरकारी रिकॉर्ड निजी व्यक्तियों के पास नहीं होने चाहिए थे। साथ ही कुछ आवंटन दस्तावेजों में लाभार्थियों के नाम बदलने की भी शिकायत सामने आई है। दावा किया गया कि कुछ कागजातों में पुराने नाम मिटाकर नए नाम लिखे गए हैं। इस पूरे मामले में नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही कल्याणपुर क्षेत्र की अन्य आवासीय कॉलोनियों की भी जांच कराने की मांग की गई है।
वहीं, आसनसोल नगर निगम के महापौर विधान उपाध्याय ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए बीएसयूपी योजना के तहत आवास बनाए गए थे। यदि आवंटन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या गलत लाभ उठाने की शिकायत मिलती है तो निगम पूरे मामले की जांच करेगा।
नगर निगम में विपक्ष की नेता चैताली तिवारी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप केवल एक परियोजना तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच आवश्यक है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल डमरा आवास योजना को लेकर उठे विवाद ने आसनसोल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।















Users Today : 22
Users Yesterday : 40