रानीगंज : वर्ष 2024 के चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा और अन्य मामलों में पुलिस ने पश्चिम बर्दवान जिला युवा तृणमूल कांग्रेस के सचिव एवं रानीगंज टीडीबी कॉलेज छात्र संगठन के पूर्व पदाधिकारी सौमित्रो बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात गुप्त सूचना के आधार पर रानीगंज शहर के एनएसबी रोड इलाके में छापेमारी की गई। इसी दौरान एक आवास से सौमित्रो बनर्जी को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि वह अपने एक परिचित के घर पर छिपा हुआ था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। मंगलवार को मेडिकल जांच के बाद उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के अनुसार, चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर रानीगंज थाने में वर्ष 2021 और 2024 से जुड़े तीन अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इससे पहले भी इस प्रकरण में श्रीदान मंडल, शुभों भट्टाचार्य समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मामले को लेकर भाजपा नेता रवि केशरी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में एक विरोध सभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया था। उन्होंने दावा किया कि घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचने के बाद भी तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं गिरफ्तार सौमित्रो बनर्जी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भाजपा कार्यकर्ता पर हमला नहीं किया और छात्र राजनीति के दौरान हुई घटनाओं के बाद वह किसी हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं रहे।
मंगलवार सुबह जब पुलिस आरोपी को अदालत ले जाने की तैयारी कर रही थी, तब थाना परिसर के बाहर कुछ लोग जमा हो गए। वहां मौजूद लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और अंडे फेंकने की घटना भी सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस सुरक्षा के बीच सौमित्रो बनर्जी को वाहन तक पहुंचाया गया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही। पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालते हुए आरोपी को अदालत के लिए रवाना किया।
पूरे मामले को लेकर रानीगंज में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां एक ओर विपक्ष निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है।
अब सभी की नजर आसनसोल जिला अदालत की सुनवाई और पुलिस जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

















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