आसनसोल : पारिवारिक विवाद के चलते अपनी ही बहन की जान लेने का प्रयास करने वाले आरोपी भाई को अदालत ने कड़ा दंड दिया है। आसनसोल जिला न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी मोहम्मद अरमान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय के फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि पारिवारिक रिश्तों की आड़ में होने वाली हिंसा को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मामला वर्ष 2025 का है, जब 8 अप्रैल को आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई थी। आरोप है कि मोहम्मद अरमान ने पारिवारिक विवाद के दौरान अपनी सगी बहन पर जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पीड़िता की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की कई स्तरों पर आगे बढ़ाया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए और मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए वैज्ञानिक जांच पद्धति का सहारा लिया। फोरेंसिक जांच सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की मदद से जांच अधिकारियों ने अदालत के सामने मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक प्रमाणों को आधार बनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हुए। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि अपराध की प्रकृति गंभीर है और दोषी को कानून के अनुसार दंड मिलना आवश्यक है।
15 जून 2026 को जिला न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए मोहम्मद अरमान को दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ छह महीने के साधारण कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा भी सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई, जिसके कारण आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली। पुलिस का कहना है कि घरेलू या पारिवारिक हिंसा को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है और ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि इस प्रकार के निर्णय समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करते हैं। परिवार जैसे भरोसे के रिश्ते में हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ती है।
अदालत के इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि अपराध चाहे घर के अंदर हो या बाहर, कानून की नजर में सभी समान हैं। दोषी व्यक्ति को अपने कृत्य की सजा अवश्य भुगतनी होगी।

















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