सिघरन नदी संरक्षण की मांग पर मुखर हुए नागरिक, औद्योगिक क्षेत्र में प्रदर्शन

Facebook
Twitter
WhatsApp

जामुड़िया :  पर्यावरण संरक्षण और नदी बचाने की मांग को लेकर शनिवार को जामुड़िया के औद्योगिक क्षेत्र स्थित भूत बंगला इलाके में जनआंदोलन का स्वर सुनाई दिया। ‘नदी बचाओ समिति’ के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने सिघरन नदी के संरक्षण तथा नदी तटों से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का आयोजन क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक इकाई के निकट किया गया, जहां आंदोलनकारियों ने नदी के अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

IMG 20250511 WA0050

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों के दौरान नदी के दोनों किनारों पर अनियंत्रित अतिक्रमण, अवैध निर्माण और मानव हस्तक्षेप बढ़ने के कारण सिघरन नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि नदी का प्रवाह क्षेत्र लगातार सिकुड़ता जा रहा है, जिससे न केवल जलधारा बाधित हो रही है, बल्कि स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

नदी बचाओ समिति के सदस्यों ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की नदी केवल जल का स्रोत नहीं होती, बल्कि वहां की पारिस्थितिकी, कृषि, भूजल स्तर और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार होती है। यदि समय रहते संरक्षणात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

प्रदर्शन के दौरान समिति ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि नदी तटों पर हुए अवैध निर्माणों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए तथा नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों के उचित निस्तारण और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग उठाई गई।

आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उद्योगों की प्रगति महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त नदी क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य, कृषि और भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है।

IMG 20240918 WA0025

विरोध प्रदर्शन के पश्चात समिति के प्रतिनिधियों और संबंधित औद्योगिक इकाई के अधिकारियों के बीच एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में नदी संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय सुधार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रस्तुत सुझावों और शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा संबंधित विषयों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने पर्यावरणीय मानकों के पालन और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद बनाए रखने की भी बात कही।

हालांकि नदी बचाओ समिति ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। समिति का कहना है कि यह केवल एक नदी का प्रश्न नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि सिघरन नदी क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए प्रशासन, उद्योग तथा समाज सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 5 0 8
Users Today : 9
Users Yesterday : 40