आसनसोल : पश्चिम बंगाल सरकार के शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग द्वारा राज्यभर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नया निर्देश जारी किया गया है। इस निर्देश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने, खुले में शौच या मूत्रत्याग करने, प्रतिबंधित प्लास्टिक थैलियों का उपयोग करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर थूकने वालों के विरुद्ध आर्थिक दंड की व्यवस्था लागू की जाएगी। राज्य सरकार का यह कदम स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार नगर निगम, नगरपालिका तथा अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी सार्वजनिक स्थलों पर खुले में शौच अथवा मूत्रत्याग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नागरिकों को केवल निर्धारित शौचालयों और सार्वजनिक प्रसाधन केंद्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त सड़क, नाली, जलाशय, बाजार, पार्क अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना, मलबा डालना या किसी भी प्रकार का अपशिष्ट फैलाना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
राज्य सरकार ने प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग और उनके परिवहन पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अस्पताल, विद्यालय, धार्मिक स्थल, बाजार, सरकारी कार्यालय तथा अन्य सार्वजनिक परिसरों में थूकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार निर्धारित शौचालयों के अतिरिक्त किसी सार्वजनिक स्थान पर शौच या मूत्रत्याग करते पाए जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी प्रकार कचरा फैलाने, अवैध रूप से अपशिष्ट डालने अथवा प्रतिबंधित प्लास्टिक थैली के उपयोग पर भी 200 रुपये का आर्थिक दंड निर्धारित किया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों से 100 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने की राशि केवल डिजिटल अथवा ऑनलाइन माध्यम से ही वसूली जाएगी। किसी भी परिस्थिति में नकद राशि स्वीकार नहीं की जाएगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने तथा राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि स्वच्छता संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन होने पर नगर क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा तथा नागरिकों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध होगा। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में सहयोग करें, निर्धारित कूड़ादान एवं शौचालय सुविधाओं का उपयोग करें तथा स्वच्छ और सुंदर पश्चिम बंगाल के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए आगामी दिनों में जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, ताकि लोग नियमों का पालन करते हुए अपने शहर को साफ-सुथरा और स्वास्थ्यकर बनाए रखने में योगदान दे सकें।

















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