आसनसोल : राज्य बजट में आशा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा के बाद आशा सुपरवाइजरों के बीच असंतोष उभरकर सामने आया है। अपनी मांगों को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में आशा सुपरवाइजर आसनसोल नगर निगम पहुंचे और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदर्शनकारी आशा सुपरवाइजरों का कहना है कि राज्य सरकार ने हालिया बजट में आशा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है, जिसका वे स्वागत करती हैं। हालांकि, आशा सुपरवाइजरों के मानदेय में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं किए जाने से उनमें निराशा व्याप्त है। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होने के बावजूद उनकी उपेक्षा की गई है।
सुपरवाइजरों ने बताया कि वे नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की निगरानी, आशा कर्मियों के कार्यों के समन्वय, जनजागरूकता अभियानों और कई प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करती हैं। इसके अतिरिक्त मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सर्वेक्षण तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित मानदेय और सुविधाएं प्राप्त नहीं हो रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के मेयर से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि आशा सुपरवाइजर लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन होता जा रहा है।
आंदोलनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में कार्य बहिष्कार जैसे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर प्रभाव पड़ सकता है।
दूसरी ओर, नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों को उचित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। मेयर ने प्रतिनिधियों की बात ध्यानपूर्वक सुनने के बाद कहा कि उनकी समस्याओं और मांगों को संबंधित विभाग तथा राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस विषय पर आवश्यक पत्राचार कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में आशा सुपरवाइजर कार्यरत हैं और वे स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनकी मांगों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन स्वास्थ्य प्रशासन और राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार आशा सुपरवाइजरों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है।

















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