दुर्गापुर : शनिवार को दुर्गापुर बैराज से जुड़ी गाद जमाव और जल निकासी की समस्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई। लंबे समय से बैराज की नियमित खुदाई और रखरखाव को लेकर उठ रही शिकायतों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार गाद जमा होने के कारण बैराज की जल प्रवाह क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव और निकासी संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बैराज और उससे जुड़े नहर तंत्र की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। समय-समय पर सफाई कार्य नहीं होने से गाद का स्तर बढ़ता गया, जिससे जल निकासी प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में वर्षा के समय जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है।
शनिवार को इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान राज्य के नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्र पाल ने कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही दुर्गापुर बैराज की खुदाई और सफाई कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में नालियों की सफाई, जल निकासी मार्गों की बाधाओं को हटाने और पंपिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बारिश के समय जलजमाव की समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि घाटाल मास्टर प्लान जैसी बड़ी परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा दीर्घकालिक और स्थायी समाधान की है, लेकिन तत्काल प्रभाव से बड़े पैमाने पर संरचनात्मक बदलाव संभव नहीं हैं। इसलिए फिलहाल छोटे और मध्यम स्तर के कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, छोटी, मध्यम और बड़ी नालियों की सफाई का कार्य कई क्षेत्रों में प्रारंभ किया जा चुका है। इसके साथ ही नहरों की नियमित सफाई और जल प्रवाह को सुचारु बनाए रखने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से अतिरिक्त पानी को निकालने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्गापुर बैराज की समस्या केवल गाद जमाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक जल प्रबंधन चुनौती है। इसके स्थायी समाधान के लिए समग्र बुनियादी ढांचे में सुधार आवश्यक है, जिसमें नहरों का पुनर्निर्माण, जल निकासी प्रणाली का आधुनिकीकरण और नियमित रखरखाव की व्यवस्था शामिल है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है। किसानों और शहरी क्षेत्रों के लोगों को भी इससे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। दुर्गापुर बैराज की खुदाई और सुधार कार्य को एक दीर्घकालिक परियोजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है।

















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