कुल्टी : सोमवार को कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत डिसरगढ़ इलाके में दामोदर नदी में डूबने से तीन कक्षा दस के छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है तथा मृतक छात्रों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियामतपुर स्थित एक निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के आठ छात्र किसी कारणवश सोमवार को विद्यालय नहीं पहुंच पाए थे। आरोप है कि अनुपस्थित रहने के चलते विद्यालय प्रबंधन द्वारा उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया और अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद सभी छात्र निराश होकर वापस लौट गए।
बताया जाता है कि विद्यालय से लौटने के बाद सभी छात्र डिसरगढ़ स्थित दामोदर नदी के किनारे एक खुले मैदान में पहुंच गए। वहां उन्होंने समय बिताने के लिए आपस में क्रिकेट खेला। खेल समाप्त होने के बाद कुछ छात्रों ने गर्मी और थकान मिटाने के लिए नदी में स्नान करने का निर्णय लिया।
नदी में उतरने के बाद तीन छात्र गहरे पानी और तेज धारा का अंदाजा नहीं लगा सके, जिसके कारण वे अचानक बहाव में बह गए और डूबने लगे। अन्य साथियों ने शोर मचाकर मदद की कोशिश की, जिसके बाद स्थानीय लोग और कुल्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तीनों छात्रों को काफी प्रयास के बाद नदी से बाहर निकाला गया और तत्काल आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी शोक का माहौल बन गया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि छात्रों के विद्यालय से बाहर निकलने और नदी तक पहुंचने की परिस्थितियां क्या थीं तथा कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
इस दर्दनाक घटना के बाद डिसरगढ़ और नियामतपुर क्षेत्र में मातम का माहौल है। एक साथ तीन युवा छात्रों की असमय मृत्यु से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस घटना के लिए कई सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रों को विद्यालय में प्रवेश मिल जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
स्थानीय निवासियों ने दामोदर नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि विशेषकर मानसून के दौरान नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों में स्नान करने से बचें, क्योंकि इस समय जलधारा अत्यधिक तेज और गहराई का अनुमान लगाना कठिन होता है। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

















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