पांडवेश्वर : मंगलवार को पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन की ओर से पांडवेश्वर में हूल दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में क्षेत्र के शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस कार्यक्रम में सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो सहित संथाल विद्रोह के सभी वीर शहीदों के अद्वितीय बलिदान को नमन किया गया।
समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह देशभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक स्मरण से परिपूर्ण रहा। उपस्थित लोगों ने आदिवासी समाज के महान नायकों द्वारा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध किए गए संघर्ष को याद करते हुए उनके योगदान को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने शहीदों की प्रतिमा एवं स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि हूल दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 1855 का संथाल हूल भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने जनजातीय समाज में आत्मसम्मान, अधिकार और स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता उत्पन्न की। सिद्धू-कान्हू के नेतृत्व में हुआ यह आंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और समानता की भावना को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति से जुड़े परंपरागत गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय कलाकारों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से शहीदों के जीवन संघर्ष और उनके साहसिक कार्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
समापन अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे शहीदों के आदर्शों का पालन करते हुए समाज में एकता, भाईचारा और न्याय की भावना को मजबूत करेंगे। कार्यक्रम का समापन श्रद्धा और सम्मान के माहौल में हुआ, जिसमें पूरे क्षेत्र ने एक स्वर में वीर शहीदों को नमन किया।

















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