आसनसोल : रानीगंज के मंगलपुर स्थित हुगली जूट मिल में कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की चिकित्सा सुविधाओं को लेकर श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कार्यस्थल पर घायल एक श्रमिक को समुचित उपचार नहीं मिलने के आरोप में श्रमिकों ने कार्य बहिष्कार कर मिल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया तथा बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व मिल में कार्यरत श्रमिक आनंद बागड़ी कार्य के दौरान एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। दुर्घटना में उनके हाथ की एक उंगली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। घायल अवस्था में उन्हें ईएसआई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन सहकर्मियों का आरोप है कि वहां आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं और समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका।
इस घटना के विरोध में मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में श्रमिकों ने काम बंद कर मिल परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रत्येक माह उनके वेतन से नियमित रूप से ईएसआई अंशदान की राशि काटी जाती है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलतीं। इससे श्रमिकों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने घायल कर्मचारी के समुचित उपचार की मांग करते हुए ईएसआई व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि कर्मचारियों से नियमित अंशदान लिया जाता है, तो उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना संबंधित व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
कुछ श्रमिकों ने जूट मिल प्रबंधन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कार्यस्थल पर सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हालांकि, इन आरोपों पर जूट मिल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदर्शन के दौरान मिल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। श्रमिकों ने मांग की कि घायल कर्मचारी का बेहतर चिकित्सा संस्थान में उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा ईएसआई से जुड़ी सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
श्रमिक नेताओं ने कहा कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को उपचार के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन, ईएसआई विभाग और जूट मिल प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

















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