आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के जामुड़िया क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस की एक कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया। दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने पूर्व विधायक हरेराम सिंह के पुत्र प्रमपाल सिंह से संबंधित अंडाल थाना क्षेत्र के बहुला स्थित कार्यालय में छापेमारी कर 121 कारतूस के खोखे बरामद किए। पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान कई दस्तावेज और अन्य सामग्री भी अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद जामुड़िया थाना घेराव प्रकरण से संबंधित जांच के क्रम में की गई। उक्त मामले में दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसियां विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में बहुला स्थित कार्यालय को तलाशी के लिए चिन्हित किया गया।
बताया गया कि पुलिस की टीम निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्यालय पहुंची। स्थानीय प्रशासन की उपस्थिति में कार्यालय का ताला खुलवाकर प्रत्येक कक्ष की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 121 कारतूस के खोखे, कुछ फाइलें, रजिस्टर तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रखा है। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी प्रकार का आग्नेयास्त्र बरामद होने की पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में नाम सामने आने के बाद से प्रमपाल सिंह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा और आवश्यकतानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी के समय कार्यालय परिसर में परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे। पुलिस ने उनकी उपस्थिति में संपूर्ण तलाशी अभियान पूरा किया तथा जब्त की गई सामग्री का विधिवत अभिलेखीकरण किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय एवं जांच प्रक्रिया के अनुरूप की गई है। बरामद कारतूस के खोखों की उत्पत्ति, उपयोग तथा उनसे जुड़े संभावित तथ्यों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित होगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों की निगाहें अब पुलिस जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा किसी भी स्तर पर कानून से समझौता नहीं किया जाएगा।

















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