कोलकाता : पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यात्रियों की सुरक्षा के प्रति अपनी सतर्कता का परिचय देते हुए 21 जून को बरहरवा–आजीमगंज पैसेंजर ट्रेन के दिव्यांगजन कोच में लगी आग की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया। विस्तृत जांच, सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरपीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, 21 जून की दोपहर ट्रेन संख्या 53434 डाउन बरहरवा–आजीमगंज पैसेंजर बरहरवा स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन के प्रस्थान के कुछ ही समय बाद इंजन के पीछे स्थित दिव्यांगजन कोच के शौचालय से धुआं उठता दिखाई दिया। धुआं देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और किसी यात्री ने तत्काल चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी।
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट बरहरवा की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शौचालय में पश्चिमी कमोड का फाइबर ढक्कन जल रहा था। घटनास्थल से किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ, कागज अथवा अन्य सामग्री नहीं मिली, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसके बाद रेलवे अधिनियम की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान बरहरवा तथा साहिबगंज रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से परीक्षण किया गया। तकनीकी विशेषज्ञों ने संदिग्ध व्यक्ति के प्रवेश एवं निकास मार्ग, उसके पहनावे तथा हावभाव का विश्लेषण कर उसकी पहचान सुनिश्चित की। खुफिया सूचना मिलने के बाद 29 जून को साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यात्रा के दौरान दिव्यांगजन कोच के शौचालय में बीड़ी पी थी। बीड़ी बुझाने के प्रयास में उसने उसे प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ा, जिससे फाइबर सामग्री में आग लग गई। आग भड़कते देख वह घबरा गया और चलती ट्रेन की गति धीमी होने पर उतरकर फरार हो गया।
आरपीएफ ने आरोपी को रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की विधिक प्रक्रिया जारी है।
पूर्व रेलवे के महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने इस कार्रवाई में शामिल आरपीएफ टीम की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के कारण आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सका। वहीं, पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि रेल यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन में धूम्रपान न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ अथवा रेलवे कर्मचारियों को दें, ताकि सुरक्षित एवं सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित की जा सके।


















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