रानीगंज : आसनसोल नगर निगम के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर गुरुवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। रानीगंज के गिरजापाड़ा स्थित निगम कार्यालय का भाजपा नेताओं ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। भाजपा युवा मोर्चा रानीगंज मंडल-1 के अध्यक्ष मोनू वर्मा और आसनसोल जिला भाजपा के कार्यकारी सदस्य रवि केशरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यालय में आम लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि प्रमाणपत्र जारी होने में हो रही देरी के कारण कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों के विद्यालयों में प्रवेश, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में लोग अपने प्रमाणपत्रों से संबंधित कार्यों के लिए इंतजार करते मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित समय में भी कई कर्मचारी अपने स्थान पर उपस्थित नहीं थे, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, कार्यालय की ओर से कई आवेदकों को तकनीकी समस्या और ऑनलाइन पोर्टल में खराबी का हवाला दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी तकनीकी कारण से काम प्रभावित हो रहा है तो प्रशासन को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
भाजपा युवा मोर्चा रानीगंज मंडल-1 के अध्यक्ष मोनू वर्मा ने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी मूलभूत नागरिक सेवाओं में देरी जनता के लिए गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को निर्धारित समय के भीतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

वहीं, भाजपा जिला कार्यकारी सदस्य रवि केशरी ने कार्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुविधा मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि सामान्य नागरिकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि नागरिक सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी जनहित के मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, लंबित प्रमाणपत्रों का शीघ्र निपटारा किया जाए और आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
इधर, इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि लगाए गए आरोपों के बाद प्रशासन व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है और आम लोगों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने में कितनी राहत मिलती है।















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