आसनसोल में स्वतंत्र ट्रॉमा सेंटर की तैयारी तेज, कल्ला बायपास क्षेत्र में भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरा

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आसनसोल :  राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आसनसोल में एक स्वतंत्र ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर के लिए कल्ला बायपास मोड़ के समीप संभावित भूमि का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। अब संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को दुर्घटना स्थल के निकट ही त्वरित एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य भवन, कोलकाता से आई विशेषज्ञ टीम ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी पहलुओं का आकलन किया।

सूत्रों के अनुसार, आसनसोल दक्षिण विधानसभा की विधायक एवं राज्य सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पाल ने क्षेत्र में एक आधुनिक ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पश्चिम बर्धमान के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट उपयुक्त भूमि की पहचान की प्रक्रिया प्रारंभ की। कल्ला बायपास क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी भूमि को इस परियोजना के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि स्वतंत्र ट्रॉमा सेंटर के निर्माण, बजट स्वीकृति तथा अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं में कुछ समय लगेगा। ऐसे में अंतरिम व्यवस्था के रूप में अगले सप्ताह से आसनसोल जिला अस्पताल एवं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पांच शैय्याओं वाला लेवल-3 ट्रॉमा केयर यूनिट प्रारंभ किया जाएगा। इस इकाई में उपलब्ध चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सहायता से दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल इसके लिए अलग से नए पद सृजित नहीं किए गए हैं।

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चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-19 देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी अधिक रहती है। गंभीर रूप से घायल मरीजों के उपचार में दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में समुचित चिकित्सा मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्वतंत्र ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित होने के बाद आसनसोल ही नहीं, बल्कि आसपास के औद्योगिक एवं राजमार्ग क्षेत्रों के लोगों को भी त्वरित और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर कम करने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

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