आसनसोल : शनिवार को आसनसोल नगर निगम में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक निर्णयों और सरकारी निर्देशों की अवहेलना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जीटी रोड स्थित बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के आरोप में नगर निगम के तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित अधिकारियों से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है और संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि गत गुरुवार को प्रशासनिक बैठक में बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से व्यवसाय कर रहे लोगों को पहले विधिवत नोटिस जारी किया जाएगा तथा उन्हें अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। साथ ही आगामी दुर्गापूजा और छठ महापर्व को देखते हुए पुराने हॉकर्स को तत्काल नहीं हटाने तथा उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने पर सहमति बनी थी।
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक निर्णय के अनुसार नोटिस जारी होने के बाद निर्धारित समयावधि पूरी होने से पहले किसी प्रकार की तोड़फोड़ या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी थी। इसके बावजूद अगले ही दिन कुछ दुकानों को हटाए जाने की सूचना मिली, जो निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत थी। इसी कारण संबंधित अधिकारियों से पूछा गया है कि स्वीकृत निर्णयों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई क्यों की गई।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि शासन की मंशा किसी भी छोटे व्यापारी या फुटपाथ विक्रेता को नुकसान पहुंचाने की नहीं है। सरकार का उद्देश्य शहर को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है, लेकिन यह कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई है अथवा सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है तो उसके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मामले की शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराई गई है। प्रशासन सभी तथ्यों की जांच कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन किसी भी मामले को दबाने में विश्वास नहीं रखता तथा प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

प्रभावित हॉकर्स के पुनर्वास के संबंध में मंत्री ने कहा कि पुराने व्यवसायियों का सर्वेक्षण कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से पात्र फुटपाथ विक्रेताओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फुटपाथ और सार्वजनिक मार्ग आम नागरिकों की सुविधा के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थानों पर स्थायी अथवा अस्थायी अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि शहर को सुव्यवस्थित बनाते हुए व्यापारियों, राहगीरों और नागरिकों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करना है। जिलाधिकारी तथा नगर निगम प्रशासन पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी कर रहे हैं और भविष्य की सभी कार्रवाइयों को निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संपन्न किया जाएगा।















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